20 लाख के लिए खाकी पर दाग, मां-बेटे को बेरहमी से मार डाला

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हरिद्वार: झबरेड़ा थानाक्षेत्र में नाले से मिले किशोर के शव के मामले का खुलासा एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के साथ किया। मुख्य हत्यारोपी हेड कांस्टेबल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि नौ फरवरी को उसने किशोर के साथ ही उसकी दृष्टिहीन मां को भी मारकर फेंक दिया। फिलहाल, मां का शव बरामद नहीं हुआ है। पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर मौके पर जाएगी। SSP प्रमेेंद्र डोबाल ने बताया कि 14 फरवरी को झबरेड़ा क्षेत्र में नाले से 16 वर्षीय किशोर की लाश मिली थी। शव की शिनाख्त दृष्टिहीन महिला ममता के नरेंद्र निवासी कांठ जनपद मुरादाबाद के रूप में हुई थी।

पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। SSP ने बताया कि हत्या के मामले में रोशनाबाद पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल छुन्ना सिंह निवासी राठा पोस्ट मसूदपुर थाना अछला जिला औरैया उत्तर प्रदेश शामिल पाया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने बताया कि दृष्टिहीन ममता ने अपने हिस्से के खेती और घर को बेच दिया था। इससे मिले कुल 20 लाख रुपये के लालच में आकर उसने हत्या की साजिश रची।इसमें उसके साथ दोस्त भी शामिल थे, जिनमें दो सह अभियुक्त विनोद काला निवासी सराय थाना क्षेत्र ज्वालापुर हरिद्वार और सहजाद निवासी अकबरपुर झोझा जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया गया है। SSP ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर महिला का शव भी जल्द बरामद कर लिया जाएगा।

SSP के अनुसार रुपये हड़पने के लिए छुन्ना सिंह ने महिला को साथ रखने का वादा किया। विश्वास करते हुए ममता ने कांठ में संपत्ति बेचकर रोशनाबाद में जमीन खरीदी। बचे पैसे से छुन्ना सिंह को ऑल्टो कार भी खरीदकर दी। इसके बाद जब महिला ने रोशनाबाद की जमीन बेचकर झबरेड़ा में शिफ्ट होने का प्लान बनाया तो इसी बीच हेड कांस्टेबल छुन्ना सिंह ने हत्या की साजिश रच दी। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसने ऑल्टो कार में अपने दोस्तों के साथ मिलकर मां और बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। बेटे की लाश को उसने नाले में फेंका और मां को नहर में फेंक दिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ऑल्टो कार और आरोपियों में बंटे दस लाख रुपये भी बरामद किए हैं।

नाले में मिली नरेंद्र की लाश की शिनाख्त कमीज पर मिले टेलर के टैग और जेब में पॉपर्टी डीलर के विजिटिंग कार्ड से हुई थी। पुलिस पहले टेलर और उसके बाद मृतक के घर पहुंची। पुलिस पूछताछ में पता चला कि मृतक की मां ने बीते वर्ष दिसंबर में अपने मकान की रजिस्ट्री 20 लाख रुपये में कर हरिद्वार चली गई। नए मकान मालिक से मिले संदिग्ध मोबाइल नंबर के आधार पर मृतक की मां की तलाश एवं पड़ताल शुरू हुई तो परत-दर परत खुलती गई। सामने आए सबूतों के आधार पर पुलिस टीम आरोपी हेड कांस्टेबल तक पहुंची।

नाले से मिले किशोर के शव की पहचान नहीं होने पर एसओ झबरेड़ा अंकुर शर्मा वादी बने और 302 में मुकदमा दर्ज किया गया। मृतक की जेब में उस प्रॉपटी डीलर का कार्ड मिला था, जिसने रोशनाबाद का मकान खरीदा था। तीन लोग इसे बेचने में शामिल रहे। यह बात प्रापर्टी डीलर से ही पता चली। पुलिस पूछताछ और फोन की सीडीआर निकाली गई तो आरोपी स्वयं अपना गुनाह स्वीकार करते चले गए। 

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