Home उत्तराखंड हलचल धामी सरकार ने पेश किया 89230.07 हजार करोड़ का बजट, एक नजर में पढ़ें पूरा बजट

धामी सरकार ने पेश किया 89230.07 हजार करोड़ का बजट, एक नजर में पढ़ें पूरा बजट

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धामी सरकार ने पेश किया 89230.07 हजार करोड़ का बजट, एक नजर में पढ़ें पूरा बजट

देहरादून : धामी सकरकार ने 89230.07 हजार करोड़ का बजट पेश कर दिया है. लोकसभा  चुनाव  पहले यह बजट युवाओं पर केंदत्रित नजर आ रहा है. धामी सरकार ने 89230.07 हजार करोड़ का बजट पेश किया। राजस्व के लिए लेखे का व्यय 55815.77 करोड़ और पूंजीगत लेखे का व्यय 33414.30 करोड़ रहा। राजस्व घाटा अभी अनुमानित नहीं है।

बजट में युवाओं कल लिए क्या?

  • डिग्री कॉलेज सरकारी में शैक्षिक गुणवत्ता को 10 करोड़।
  • एनईपी के तहत चल रही अनुसन्धान योजना को 2 करोड़।
  • आरटीई के तहत 94 हजार से ज्यादा बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जा रही।
  • खटीमा में निशुल्क कोचिंग सेंटर।
  • सरकारी विद्यालयों में आईसीटी लैब
  • विज्ञान के केंद्र चंपावत को तीन करोड़।
  • उदीयमान खिलाड़ी को छात्रवृत्ति के तहत 10 करोड़।
  • राष्ट्रीय खेलों के लिए 250 करोड़।
  • राज्य व राष्ट्रीय युवा महोत्सव को 10 करोड़।
  • प्रशिक्षण शिविर को 5 करोड़।
  • खेलो इंडिया के लिए दो करोड़।
  • पिथौरागढ़ स्पोर्ट्स कॉलेज भवन को दो करोड़।

बजट में भी ये भी

  • निशुल्क गैस रिफिल 1,83,419 अंत्योदय कार्ड धारकों को साल में तीन सिलिंडर के लिए 54 करोड़।
  • पीएम आवास योजना ग्रमीण को 390 करोड़।
  • आंदोलकारियों के कल्याण व कोर्प्स फंड को 44 करोड़।
  • खाद्यान्न योजना को 20 करोड़।
  • विभिन्न विभागों की योजनाओं में सब्सिडी के लिए 679 करोड़ 34 लाख.

ये मिली सौगात

  • सभी जिलों में हवाई संपर्क।
  • असुरक्षित पुलों से छुटकारा।
  • सरकारी विद्यालयों में आवश्यक फर्नीचर की उपलब्धि।
  • सभी जिलों में स्वरोजगार केंद्रों की स्थापना।
  • जनपद मुख्यालयों में ऑडिटोरियम और संस्कृति केंद्रों की स्थापना।
  • सभी जिला मुख्यालयों में स्टेडियम।
  • प्रदेश से बाहर छात्रों को शैक्षिक भ्रमण।

समग्र विकास पर आधारित बजट

वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा, सरकार जेंडर बजट के साथ राज्य के समग्र विकास पर आधारित बजट लेकर आई है। सरकार का बजट सशक्त उत्तराखंड पर केंद्रित है। प्रदेश सरकार 2025 तक उत्तराखंड को देश के सबसे अग्रणी राज्यों में शामिल कराने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर सरकार बजटीय प्रावधान और नई योजनाओं का स्वरूप निर्धारित करेगी।

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