माल देवता में पिछले चार—पांच वर्षों में अवैज्ञानिक तरीके से सड़क निर्माण, प्रोपर्टी ​डीलरों द्वारा भूमि कटान और माल देवता इंटर कॉलेज से रिंगाल गढ़ टिहरी जनपद तक सड़क के दोनों ओर अधिकतर जमीनें पूंजीपतियों और भू—माफियाओं द्वारा खरीद ली गई. इनसभी को राजनीति संरक्षण प्राप्त है.

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  • हिमांतर ब्यूरो, देहरादून

अस्थायी राजधानी देहरादून के because घंटाघर से लगभग 12 से 13 किमी पूर्व दिशा में उपस्थित माल देवता गांव के समीप हाल ही में भूस्खलन और बाढ़ से सड़क मार्ग के बाधित होने की खबरें सुर्खियों में छाई रही. यह पहली बार है, जब बाढ़ की इस घटना के बाद भाजपा के दो विधायक घटना स्थल पर अलसुबह ही पहुंचे. दरअसल यह because क्षेत्र मसूरी विधानसभा और रायपुर विधानसभा का केंद्रीय स्थल है. माल देवता में पिछले चार—पांच वर्षों में अवैज्ञानिक तरीके से सड़क निर्माण, प्रोपर्टी ​डीलरों द्वारा भूमि कटान और माल देवता इंटर कॉलेज से रिंगाल गढ़ टिहरी जनपद तक सड़क के दोनों ओर अधिकतर जमीनें पूंजीपतियों और भू—माफियाओं द्वारा खरीद ली गई. इनसभी को राजनीति संरक्षण प्राप्त है.

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घटनास्थल का पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी. सभी फोटो: अभिषेक विश्वनोई

माल देवता से सुरकंडा because रोड पर सेरकी गांव और बौंठा गांव सड़क का पूरा मलबा डंपिग जोन में डालने की बजाय डौं​ण्या गाड़ में डाला गया, यही डौंण्या गाड़ आगे चलकर माल देवता में बांदल नदी में मिलती है. नई सड़क के मलबे को अवैज्ञानिक तरीके से ढाल पर फेंक देने की वजह से वही मलबा माल देवता में सड़क को because बाधित करता है. क्षेत्र में ईको—टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत इंद्रेश नौटियाल जी बताते है कि इस क्षेत्र में बेतरतीब तरीके से पहाड़ियों को सीधे वर्टीकल कटिंग कर समतल जमीन बनाई जा रही है, जिससे न सिर्फ जंगलों का नुकसान हो रहा है, बल्कि ढाल पर मलबे को फेंक देने से जैव विविधता, वन क्षेत्र, जल स्रोत और जलागम क्षेत्र के निकास मार्ग बाधित हो रहे हैं.

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माल देवता में जिस because स्थान पर मलबा सड़क पर आया है, वहीं पर सड़क किनारे बांदल नदी के दायने तट पर बिना आपदा प्रबंधन सर्वेक्षण किए गौशाला रिर्जोट घर और कंपनियों द्वारा एयरो स्पोर्ट्स के कार्यालय बनाए गए हैं.

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गौरतलब है कि बांदल नहीं क्षेत्र में 2013—14 में भी बाढ़ से कृषि भूमि और कुछ मकानों को नुकसान पहुंचा था. माल देवता से थोड़ा आगे ही सह​स्त्रधारा जाने वाली because सौंग नदी इस पर संगम बनानी है और यह नदी सौंग के नाम से ही जानी जाती है. माल देवता में जिस स्थान पर यह बाढ़ आई है वहां से दाएं ओर की सड़क सूर्याधार परियोजना की तरफ जाती है और बांई ओर की सड़क बादल घाटी सकलाना की ओर जाती है. बांई ओर का यही रास्ता टिहरी की तरफ because जाता है. माल देवता के इस जंक्शन पर अंडर ग्राउंड कॉज—वे या स्कबर बनाए जाने की सख्त आश्यकता है, ताकि डौंण्या गाड़ का पानी बिना सड़क को नुकसान पहुंचाए बांदल नदी में जा सके.

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