Tag: Yamunotri

आस्था का जन सैलाब, यमुनोत्री के रास्ते में लगा लम्बा जाम

आस्था का जन सैलाब, यमुनोत्री के रास्ते में लगा लम्बा जाम

रुद्रप्रयाग
रुद्रप्रयाग. चारधाम यात्रा के कपाट खुलते ही पहले दिन 10 मई को बाबा केदारनाथ के धाम में यात्रियों ने  नया कीर्तिमान स्थापित करे हुए बाबा के दर्शनों को करीब 30 हजार श्रद्धालु देश- विदेश से केदारपुरी पहुंचे थे. कपाट खुलने के दूसरे दिन साढ़े 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ जी के दर्शन किए. कैलाश पर्वत पर भगवान शिव के प्रिय निवास स्थान पहुंचने के लिए भक्त इतने उत्सुक एवं ऊर्जावान दिखे कि दोपहर बाद से ही खराब मौसम होने के बावजूद यात्रियों की संख्या में कोई कमी नहीं दिखी. बारिश के चलते श्रद्धालुओं की यात्रा थोड़ा मुश्किल रही उन्हें कुछ समस्याओं का सामना भी करना पड़ा लेकिन जिला प्रशासन के विभिन्न प्रयासों के चलते श्रद्धालुओं को राहत मिली. केदारपुरी की बात करें तो नव निर्मित आस्था पथ ने भक्तों को बहुत राहत पहुंचाई, बारिश की बौछार पड़ते ही मंदाकिनी नदी के बगल में केदारनाथ के मौसम को ध्यान...
उत्तराखंड : अभिजीत मुहूर्त मकर लग्न पर इस दिन बंद होंगे यमुनोत्री धाम कपाट

उत्तराखंड : अभिजीत मुहूर्त मकर लग्न पर इस दिन बंद होंगे यमुनोत्री धाम कपाट

उत्तराखंड हलचल
  खरसाली : यमुनोत्री धाम के कपाट बंद किए जाने का मुहूर्त निकाला लिया गया है. यमुनोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर को भैया दूज के पावन पर्व पर 11 बजकर 57 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त मकर लग्न पर छः माह के लिए बंद कर दिए जाएंगे. जिसके बाद मां यमुना अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगी. यमुनोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. जिसके बाद मां यमुनोत्री शीतकालीन प्रवास खरशाली गांव में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगी. साथ में मां यमुना के भाई शनिदेव सोमेश्वर देवता की डोली भी खरशाली गांव के लिए रवाना होगी.   12 बजकर 13 मिनट से राहु काल शुरू होने के कारण, इससे पहले मां यमुना की डोली शीतकालीन प्रवास खरशाली गांव में स्थित मंदिर के लिए रवाना होगी. बैठक में पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, यमुनोत्री मंदिर समिति सचिव सुरेश उनियाल, रामस...
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर चारों-धामों में कराई गई विशेष पूजा-अर्चना

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर चारों-धामों में कराई गई विशेष पूजा-अर्चना

देहरादून
2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम संकल्पित : मुख्यमंत्री   देहरादून. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से चारों धामों में विशेष पूजा अर्चना के साथ ही हेमकुंड साहिब में विशेष अरदास कराई गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस को पूरे देश में सेवा पखवाड़े के रूप में मनाया जा रहा है. उत्तराखंड में भी इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं  इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी की ओर से प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन पर चारों धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री जी) में विशेष पूजा अर्चना एवं महारुद्राभिषेक कराया गया. श्री हेमकुंड गुरुद्वारा साहिब में भी इस अवसर पर विशेष अरदास का आयोजन हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रभु से  प्रधानमंत्री जी के सुदीर्घ जीवन, स्वस्थ जीवन और यशस्वी ...
पुस्तक ‘रवाँई क्षेत्र के देवालय एवं देवगाथाएं’ लोकार्पित

पुस्तक ‘रवाँई क्षेत्र के देवालय एवं देवगाथाएं’ लोकार्पित

साहित्यिक-हलचल
पुस्तक लोकार्पण हिमांतर ब्‍यूरो, उत्तरकाशी सामाजिक एवं पर्यावरणीय कल्याण समिति (सेवा) के तत्वाधान में देवभूमि उत्तराखण्ड के पश्चिमोत्तर रवाँई क्षेत्र में होने वाले प्रमुख लोकोत्सव देवलांग because के अवसर पर ‘देवडोखरी’ (बनाल) में because अवस्थित रा.उ.मा.विद्यालय के सभागार में दिनेश रावत की पुस्तक ‘रवाँई के देवालय एवं देवगाथाएँ’ का  लोकार्पण उत्‍तरकाशी जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद प्रसाद सिमल्टी, साहित्यकार महाबीर रवांल्टा, पं. महीशरण सेमवाल, सुखदेव रावत, पं. शांति प्रसाद सेमवाल, पूर्व ब्लाक प्रमुख रचना बहुगुणा, पूर्व जिला पंचायत because सदस्य नानई चंदी पोखरियाल, इ. चन्द्र लाल भारती एवं समिति के शशि मोहन रावत की उपस्थिति में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया. सामाजिक कार्यक्रम के दौरान सुखदेव रावत ने because उपस्थितजनों का स्वागत संबोधन किया तो b...
प्यारा उत्तराखंड

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कविताएं
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 2020 आदेश सिंह राणा  केदारखण्ड और मानसखण्ड, देवभुमि है मेरी उत्तराखंड. पहाड़ों और फूलों की घाटी, वीर धरा है मेरी राज्य की माटी. प्रदेश में मेरे मिलता है ऐसा सुकून, लगता है माँ का आँचल. देवभूमि के नाम से विख्यात है, यह है अपना प्यारा उत्तरांचल. गढ़वाल और कुमाऊँ दो खंड है, तेरह जिले है पहचान इसके. हिम शिखरों से सुसज्जित है, निवास यहाँ है सब देवों की. ऋषियाँ की है तप स्थली, मुनियाँ की यह जप स्थली है. पंच बदरी पंच केदार, पंच मठ है यहाँ पंच प्रयाग. वीरों की यह भूमि है, सैन्य धाम है उत्तराखंड. बलदानियों ने यहाँ जन्म लिया है, पूरी दुनिया हमने नाम किया है. चारों दिशाओं में चार धाम हैं, माँ गंगा जी उदगम है यहाँ. यमुना जी भी निकल है यहाँ से, स्वर्ग जाने का मिलता है पथ यहाँ. सैकड़ों नदियाँ बहती है यहाँ से, जो देतें है पूरे भा...