Tag: MSP

माल्टा को मिले स्टेट फ्रूट का दर्जा

माल्टा को मिले स्टेट फ्रूट का दर्जा

देहरादून
  सिट्रस फल बदल सकते हैं पहाड़ के आर्थिक तंत्र का चेहराहिमांतर ब्यूरो, देहरादून‘माल्टा का महीना’ अभियान के तहत सिट्रस आर्थिकी पर दून लाइब्रेरी में एक विचार-विमर्श आयोजित किया गया. हरेला गांव, धाद की पहल पर आयोजित इस संवाद में विशेषज्ञों ने माल्टा सहित सिट्रस फलों को पहाड़ की आर्थिकी का मजबूत आधार बताते हुए इसे स्टेट फ्रूट का दर्जा देने की माँग रखी. कार्यक्रम में आगाज फेडरेशन के जगदम्बा मैठानी, कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव अजय डबराल और गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. तेजपाल बिष्ट ने अपने विचार रखे. स्वागत संबोधन में हरेला उद्यान के संयोजक पवन बिष्ट ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से चल रहा ‘माल्टा का महीना’ अभियान इस वर्ष निर्णायक मोड़ पर पहुंचा है. समाज से लेकर शासन तक इसकी धमक बनी है और आम लोगों ने अभियान के तहत लगभग 12 टन माल्टा की खरीद कर किसानों को सीधा समर्थन दिया...
राजनीति के अखाड़े में खेती के दांव पेंच  

राजनीति के अखाड़े में खेती के दांव पेंच  

समसामयिक
प्रो. गिरीश्वर मिश्रकिसान आंदोलन को एक  पखवाड़ा बीत चुका  है और गतिरोध ऐसा कि जमी बर्फ पिघलने का नाम ही नहीँ ले रही है. आज खेती किसानी के सवालों को ले कर राजधानी दिल्ली को चारों because ओर से घेर कर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चल कर आए हजारों किसानों का केन्द्रीय सरकार के कानूनों के खिलाफ धरना-आन्दोलन  बदस्तूर जारी है. सरकारी पक्ष के साथ पांच छह दौर की औपचारिक बातचीत में so कृषि से जुडे तीन बिलों के विभिन्न पहलुओं पर घंटों विस्तृत  चर्चा हुई पर अभी तक कोई हल नहीं निकला और दोनों पक्षों के बीच सुलह की कोई बात नहीं बन पाई है. बीच में आन्दोलन के समर्थन के लिए ‘भारत बंद’ का भी आयोजन हुआ जिसका देश में मिला-जुला असर रहा. अब आन्दोलन को और तेज करने और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है .केन्द्रीय सरकारकिसानों के मन  में कृषि के कार्पोरेट हाथों में दिये जाने की शंका बनी ...