
विकास ऐसा न हो कि उत्तराखंडी ही खो जाए: अजीत डोभाल
‘रैबार’ ने किया खबरदार!व्योमेश जुगरान, वरिष्ठ पत्रकार देश की कद्दावर शख्सियत, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, बीते शनिवार राजधानी के मावलंकर हॉल में आयोजित ‘रैबार’ कार्यक्रम में उत्तराखंडी समाज से मुखातिब थे. उन्होंने गढ़वाली में संबोधन किया और इस बोली पर अपनी शानदार पकड़ से माहौल को चमत्कृत कर दिया.
उनके वक्तव्य का केंद्रीय फोकस पर्वतीय लोक-परंपरा और संस्कृति के संरक्षण पर था, लेकिन इसी क्रम में उन्होंने पर्वतीय पहचान पर मंडराते खतरों की ओर भी संकेत किया. उन्होंने पर्वतीय समाज को खबरदार करते हुए कहा कि संभव है कल का उत्तराखंड फाइव-स्टार संस्कृति वाला एक विशाल टूरिस्ट सेंटर बन जाए. बनना भी चाहिए, लेकिन कहीं ऐसा न हो कि बदले में हम खुद ही खो जाएँ.
माटी से गहरे जुड़े अजीत डोभाल यदि उत्तराखंड में पर्यटन के किसी उद्दात रूप को पहाड़ और पहाड़ियत के लिए खतरे की तरह...
