Tag: मंहत इंद्रेश अस्पताल

‘मेरा भारत, मेरा वोट’ संदेश के साथ 25 जनवरी को प्रदेशभर में होंगे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम

‘मेरा भारत, मेरा वोट’ संदेश के साथ 25 जनवरी को प्रदेशभर में होंगे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम

उत्तराखंड हलचल
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनराष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत (MY Bharat) उत्तराखंड, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रविवार, 25 जनवरी 2026 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं, को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से सक्रिय रूप से जोड़ना है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में देहरादून में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी एवं महंत इंद्रेश अस्पताल, मोथरोवाला में विशेष पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 500 से अधिक ‘MY Bharat’ स्वयंसेवक प्रतिभाग करेंगे। इस पदयात्रा का मुख्य संदेश “मेरा भारत, मेरा वोट (My Bharat My Vote)” रहेगा। यह कार्यक्रम एक राष्ट्रव्यापी युवा लामबंदी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं में सूचित, नैतिक एवं सहभागी चुनावी व्यव...
नवीनतम तकनीक ट्रांसएसोफेजियल इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी अध्ययन से सफलतापूर्वक इलाज करने वाला उत्तर भारत का पहला हॉस्पिटल बना श्री मंहत इंद्रेश अस्पताल

नवीनतम तकनीक ट्रांसएसोफेजियल इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी अध्ययन से सफलतापूर्वक इलाज करने वाला उत्तर भारत का पहला हॉस्पिटल बना श्री मंहत इंद्रेश अस्पताल

देहरादून
देहरादून: श्री महन्त इंदिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर साहिल महाजन द्वारा 1.5 साल के बच्चे का नवीनतम तकनीक ट्रांसएसोफेजियल इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी अध्ययन के द्वारा सफलतापूर्वक इलाज किया गया है। ऐसा करने वाला श्री मंहत इंद्रेश अस्पताल उत्तर भारत में पहला और पूरे भारत में सीएमसी वेल्लोर के बाद दूसरा केंद्र हैं। शिशु जब माता के गर्भ में था तभी असामान्य हृदय गति से संबंधित बीमारी का पता चला था जिसके इलाज हेतु उन्होंने बहुत से डॉक्टर को दिखाया था परंतु सभी ने इलाज के लिए बाहर बड़े अस्पताल ले जाने के लिए सलाह दी। इसके बाद माता पिता श्री महन्त इंदिरेश अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर साहिल महाजन से परामर्श हेतु ओपीडी में आए तथा डॉक्टर साहिल महाजन द्वारा शिशु का गर्भ में तथा जन्म के पहले महीने से लेकर 1.5 साल तक बीमारी को दवाइयों के द्वारा ही नियंत्रित रखा गया। डॉक्टर द्वारा ईण...