
गाल के आर-पार सुआ… न खून की बूंद, न घाव का निशान!
देवता अवतरित होते ही पश्वा ने गाल में आर-पार किया लोहे-चांदी का सुआ, अद्भुत परंपरा देखने उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाबनीरज उत्तराखंडी, पुरोला (उत्तरकाशी)उत्तरकाशी के रामा गांव में भाद्रपद मास की 22 गते को आयोजित पारंपरिक स्यूड़िया जातर में आस्था और लोक परंपरा का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। स्यूडिया देवता के पश्वा पर देवता अवतरित होने के बाद उन्होंने अपने गाल में लोहे-चांदी का सुआ स्वयं चुभाकर आर-पार कर लिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुआ गाल के आर-पार होने के बावजूद खून बहता दिखाई नहीं दिया। सुआ निकाले जाने के बाद भी गाल पर कोई स्पष्ट घाव नजर नहीं आया। इस दृश्य ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित कर दिया। स्थानीय लोग इसे स्यूडिया देवता से जुड़ी सदियों पुरानी देव परंपरा और अपनी गहरी आस्था का प्रतीक मानते हैं।
देवता अवतरित होते ही बदल गया माहौल
जैसे ही पश्वा पर...

