Tag: पॉलीहाउस

खेत बचाओ अभियान बना जनआंदोलन, अल्मोड़ा में किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प

खेत बचाओ अभियान बना जनआंदोलन, अल्मोड़ा में किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प

अल्‍मोड़ा, उत्तराखंड हलचल
  6 करोड़ रुपए से अल्मोड़ा में कराई जाएगी तारबाड़, खेती होगी सुरक्षित : मुख्यमंत्रीहिमांतर ब्यूरो | अल्मोड़ाअल्मोड़ा की हवालबाग घाटी में शनिवार को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं हुआ, बल्कि पहाड़ की कृषि, मिट्टी और भविष्य को बचाने का सामूहिक संकल्प गूंजा। खेतों की मेड़ों से लेकर कार्यक्रम स्थल तक किसानों, महिला समूहों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी ने यह संकेत दिया कि उत्तराखंड में खेती और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई चेतना आकार ले रही है। राज्य स्तरीय ‘खेत बचाओ अभियान’ के मंच से किसानों ने मिट्टी, जल और कृषि भूमि के संरक्षण का संकल्प लिया। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों और घटती कृषि योग्य भूमि के बीच यह अभियान अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक जनआंदोलन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।बदलती जलवायु और खेती की नई चुनौतियां उत्तराखंड के प...
पॉलीहाउस में निमेटोडस (सूत्र कृमि)- कैसे करें रोकथाम

पॉलीहाउस में निमेटोडस (सूत्र कृमि)- कैसे करें रोकथाम

खेती-बाड़ी
डॉ. राजेंद्र कुकसाल कीट व रोगों की तुलना में आमतौर पर कृषकों का सूत्रकृमि निमेटोड पर कम ध्यान जाता है जबकि निमेटोड खुद तो फसलों को नुक्सान पहुंचाते ही हैं साथ ही निमेटोड से संक्रमित फसलों में कई तरह की फफूद व वैक्टीरिया संक्रमण की सम्भावनाये बढ़ जाती है. निमेटोड की पहचान न होने के कारण कई बार किसान निमेटोड संक्रमण को कीट, रोग (फफूंद, बैक्टीरिया एवं बीषाणु) व पोषक तत्वों की कमी समझ कर  कई प्रकार की रसायनिक दवाओं का छिडकाव कर रोकथाम करने का प्रयास करते है, जिससे उनका श्रम, पैसा व समय बर्बाद होता है एवं सफलता भी नही मिलती अतः इन सूत्र कृमि की पहचान व जानकारी रखना जरूरी है.  उत्तराखंड में सरकार द्वारा पौली हाउस योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है. पौलीहाउस अथवा ग्रीनहाउस एक ऐसी तकनीक है जिसके माध्यम से वाहरी वातावरण के प्रतिकूल होने पर भी इसके अंदर फसलों / बेमौसमी नर्सरी ,सब्जी एवं फूलों को आसानी...
कीवी मेन! विक्रम बिष्ट के स्वरोजगार मॉ​डल नें पलायन को दिखाया आईना, पहाड़ में रोजगार सृजन की जगा रहे हैं अलख

कीवी मेन! विक्रम बिष्ट के स्वरोजगार मॉ​डल नें पलायन को दिखाया आईना, पहाड़ में रोजगार सृजन की जगा रहे हैं अलख

खेती-बाड़ी
ग्राउंड जीरो से संजय चौहान कुछ लोगों को पहाड़ आज भी पहाड़ नजर आता है. वहीं दूसरी ओर हमारे बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने बिना किसी शोर शराबे के चुपचाप अपनी मेहनत और हौंसलों से पहाड़ की परिभाषा because ही बदल कर रख दी है. ऐसे लोग आज पलायन की पीडा से कराह रहे पहाड़ के लिए उम्मीद की किरण नजर आ रहे हैं. आज ऐसे ही पहाडी के बारें में आपको रूबरू करवाते हैं जिन्होंने पहाड़ में स्वरोजगार का मॉ​डल तैयार करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया है. लोग उन्हें कीवी मेन के नाम से भी जानते हैं.ज्योतिष सीमांत जनपद चमोली के कर्णप्रयाग ब्लाक की सिदोली पट्टी में गौचर से 20 किमी की दूरी पर स्थित मुल्या गांव (ग्वाड) निवासी 48 वर्षीय विक्रम सिंह बिष्ट आज लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनें हुये हैं. उनका स्वरोजगार मॉ​डल लोगों को बेहद पसंद आ रहा है, जिस कारण लोग स्वरोजगार के लिए अपने गांव वापस लौट रहें हैं. बहुमुखी प्रत...