Tag: आधुनिक भारत

सरदार पटेल की संकल्पना का भारत

सरदार पटेल की संकल्पना का भारत

साहित्‍य-संस्कृति
  सरदार पटेल की जयंती पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र शिक्षाविद् एवं पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा  स्वतंत्रता संग्राम में देश को आज़ादी तो मिली परंतु ऐतिहासिक परिस्थितियों के फलस्वरूप अखंड भारत विभाजित भी हुआ. इससे राष्ट्र-निर्माण की एक विकट चुनौती उत्पन्न हुई . सरदार पटेल ने भारतीय संघ के निर्माण को संभव बनाया. अद्भुत कूटनीतिक परिपक्वता का परिचय देते हुए उन्होंने पाँच सौ से अधिक प्राचीन रियासतों का भारत में विलय कराया. विविधता में एकता स्थापित करने वाला उनका यज्ञ आर्यावर्त के भारत नामक नए संस्करण का कारण बना. इस संरचनात्मक आधार के निर्माण के साथ भारत की एकता का ताना-बाना बुनने का कार्य सरदार पटेल ने किया. राष्ट्र-भावना को केंद्रीय महत्व देते हुए उन्होंने प्रशासनिक कार्य तंत्र विकसित किया. मूलतः गांधी दृष्टि के अनुरूप वह सभी नागरिकों के मध्य ...
नए वर्ष की चुनौतियाँ और सम्भावनाएँ

नए वर्ष की चुनौतियाँ और सम्भावनाएँ

साहित्‍य-संस्कृति
प्रो. गिरीश्वर मिश्र  जब हम भारत और उसके कोटि-कोटि जनों के लिए सोचते हैं तो मन में भारत भूमि पर हज़ारों वर्षों की आर्य सभ्यता और संस्कृति की बहु आयामी यात्रा कौंध उठती है. विभिन्न सांस्कृतिक प्रभावों के संघात के बीच ज्ञान, विज्ञान, कला, साहित्य का अविरल प्रवाह राष्ट्रीय गौरव का बोध कराता है. साथ ही भारत का भाव हमें उस दाय को सँभालने के लिए भी प्रेरित करता है जिसके हम वारिस हैं. निकट अतीत का स्वाधीनता संग्राम देशवासियों को राष्ट्र को आगे ले जाने के दायित्व का भी स्मरण कराता है. स्वाधीनता आश्वस्त करती है पर हमारे आचरण को आयोजित करने के लिए कर्तव्य-मार्ग का निर्देश भी देती है ताकि वह सुरक्षित बनी रहे. इस तरह अतीत कभी व्यतीत नहीं होता बल्कि हमको रचता रहता है. आज भारत विकास के मार्ग पर एक यात्रा पर अग्रसर है. भारत के लिए अगले साल में क्या कुछ होने वाला है इस सवाल पर विचार इससे बात से भी जुड़ा...