Tag: स्वरोजगार

पुष्कर सिंह धामी का बजट 2026-27: ज्ञान मॉडल से गरीब-युवा-किसान-महिला सशक्तिकरण पर फोकस

पुष्कर सिंह धामी का बजट 2026-27: ज्ञान मॉडल से गरीब-युवा-किसान-महिला सशक्तिकरण पर फोकस

देहरादून
समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य: सीएम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प GYAN मॉडल के माध्यम से राज्य के समग्र विकास को आगे बढ़ाना है। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण को विकास के चार प्रमुख स्तंभ के रूप में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दृष्टि से बजट में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।गरीब कल्याण पर विशेष ध्यान गरीब वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया गया है। अन्नपूर्ति योजना के लिए ₹1300 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए ₹298.35 कर...
62 की उम्र में भी जोश बरकरार: पुरोला के वृजमोहन ने बर्फ से रचा रोजगार

62 की उम्र में भी जोश बरकरार: पुरोला के वृजमोहन ने बर्फ से रचा रोजगार

उत्तरकाशी
  20 रुपये की कटोरी, हजारों की आमदनी: पुरोला के बुजुर्ग की मिसालनीरज उत्तराखंडी, पुरोला उत्तरकाशीपुरोला के महरगांव निवासी 62 वर्षीय वृजमोहन सिंह रावत ने यह साबित कर दिया है कि यदि व्यक्ति में कुछ करने की लगन और स्वावलंबन के संस्कार हों, तो उम्र कभी भी बाधा नहीं बनती. जब एक ओर पुरोला में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन चल रहा था, वहीं दूसरी ओर बाजार में सड़क किनारे परात में प्राकृतिक बर्फ को जायकेदार बनाकर बेचते वृजमोहन सिंह रावत लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे. वे न केवल स्वाद परोस रहे हैं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भरता का संदेश भी दे रहे हैं.जिज्ञासा वश पूछने पर उन्होंने बताया कि वे पुरोला में लगने वाले मेला-जातर में बर्फ बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमा चुके हैं. बर्फ लाना भले ही कठिन होता है, लेकिन मेहनत रंग लाती है. “शाम तक एक हजार से दो से ढाई हजार रुपये की बिक्री हो जात...
एप्पल मिशन को रोजगार का जरिया बनाकर जगाई स्वरोजगार की अलख

एप्पल मिशन को रोजगार का जरिया बनाकर जगाई स्वरोजगार की अलख

खेती-बाड़ी
नीरज उत्तराखंडी जनजाति क्षेत्र जौनसार बावर के देवघार ख़त के मुन्धौल गांव निवासी मुकेश जोशी ने बागवानी को रोजगार का जरिया बनाकर न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा दिया बल्कि चंद रुपए की पगार के लिए मैदानों  की खाक छानते बेरोजगार युवाओं के लिए एक प्रेरणा का संदेश भी दिया है. संभ्रांत  सम्पन्न संयुक्त परिवार में4 मई 1999 में जन्मे मुकेश जोशी के पिता दिनेश चन्द्र जोशी जल संस्थान में कार्यरत हैं जबकि रमोला जोशी कुशल गृहिणी हैं. मुकेश जोशी ने सिविल इंजिनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर हिमाचल प्रदेश के कोटखाई निवासी अवनीश चौहान से प्रेरित होकर स्वरोजगार की ओर रुख किया और संयुक्त परिवार के बरसों पुराने बागवानी के व्यवसाय को नया रूप दिया.वर्तमान समय में मुकेश जोशी एप्पल मिशन योजना अंतर्गत 6100 - 6200 फीट यानी 1850 मीटर की ऊंचाई पर 1 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सेब रूट स्टाक प्रजाति की सघन खेती कर रहे हैं. विगत वर्...
पहाड़ों के सतत विकास, नेचर टूरिज्म और स्वरोजगार के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों की जमीन बचानी होगी

पहाड़ों के सतत विकास, नेचर टूरिज्म और स्वरोजगार के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों की जमीन बचानी होगी

चमोली
पहाड़ों के सतत विकास और स्वरोजगार के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों की जमीन बचानी होगी ये बात प्रकृति पर्यटन एवं नेचर जागरूकता कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में अतर सिंह तोमर पूर्व राज्य मंत्री उत्तराखंड ने कही. श्री तोमर ने पंचम केदार कल्पेश्वर महादेव में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग और जनदेश संस्था द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही उन्होंने ग्रामीणों का आह्वाहन करते हुए कहा कि, हम सबको   पहाड़ों की जमीन को बचाने के साथ- साथ उस भूमि पर प्रकृति के सतत संरक्षण और वैज्ञानिक दोहन  के रूप में  नियोजन को प्रबंधित करना होगा. पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर ने कहा कि प्रकृति को बचाने के लिए युवाओं की मुख्य भूमिका हो सकती है उन्होंने कहा कि पहाड़ों में लोग अपनी भूमि को नहीं बेचना चाहिए आज आवश्यकता है कि जमीन को बचाया जाए बाहर के लोगों की गिद्ध दृष्टि पहाड़ों की भूमि पर लगी है....
‘विकसित भारत 2047’ हकीकत या दिवास्वप्न

‘विकसित भारत 2047’ हकीकत या दिवास्वप्न

साहित्‍य-संस्कृति, समसामयिक
नेत्रपाल सिंह यादव निदेशक पॉलिसी & रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर भारत 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी के जैसे-जैस करीब पहुंच रहा है, ऐसे में यह देश एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है. 2047 तक भारत को एक विकसित देश में बदलने का महत्वाकांक्षी एजेंडा, जिसे “नए भारत” के रूप में जाना जाता है. एक व्यापक खाका है जिसमें आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता शामिल है. यह आलेख एंथ्रोपोलॉजिकल लेंस से इस विज़न के महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहराई से चर्चा करता है. सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक विकास तथा सामाजिक-सांस्कृतिक गतिशीलता एवं मानव विकास के समग्रता का संपूर्णता में विश्लेषण करता है. आधुनिक विकास के मानकों में आर्थिक विकास स्थिति की भूमिका का महत्वपूर्ण योगदान रहता हैं जिसके तहत किसी भी राष्ट्र या आधुनिक राज्य (Nation & State) की वहां के नागरिक की ‘प्रति व्यक्ति आय’ (Per capita income) से ज...
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 5265 किलोवॉट के पांच प्लांट को मंजूरी, राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजना

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 5265 किलोवॉट के पांच प्लांट को मंजूरी, राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजना

उत्तराखंड हलचल
देहरादून। राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 5265 किलोवॉट क्षमता के पांच सोलर पॉवर प्लांट को मंजूरी प्रदान की गई है। राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ये योजना चलाई जा रही है। राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का इसके अंतर्गत संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में शासन द्वारा अधिसूचित उत्तराखंड राज्य सौर नीति-2023 के अंतर्गत टाइप-टू श्रेणी में उरेडा द्वारा आवेदन के लिए 20 जुलाई 2023 को प्रस्ताव आमंत्रित किये गए थे। ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने जानकारी दी है कि शासन स्तर पर उनकी अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय अनुवीक्षण समिति द्वारा पांच प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनकी कुल क्षमता 5265 किलोवॉट है। उन्होंने...
उत्तराखंड में बायोटूरिज़्म और ग्राम संसाधन आधारित स्वरोजगार की असीम संभावनाएं

उत्तराखंड में बायोटूरिज़्म और ग्राम संसाधन आधारित स्वरोजगार की असीम संभावनाएं

देहरादून
आज श्री गुरु राम राय यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स स्टडीज़ एंड इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर द्वारा आयोजित इंटरप्रन्योरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण स्वरोजगार ग्राम संसाधन आधारित रोजगार विषय पर बोलते हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में बोलते हुए आगाज़ फैडरेशन पीपलकोटी के अध्यक्ष एवं संस्थापक जे. पी. मैठाणी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में भारत सर्वाधिक युवाओं का देश है. इसलिए हम सभी को स्थानीय संसाधन आधारित स्वरोजगार को अपनाने की बात पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में बायोटूरिज़्म और बायोटूरिज़्म पर आधारित स्वरोजगार के अनेक संसाधन मौजूद हैं. नेचर गाइड, स्टोरी टेलिंग, होम स्टे के साथ-साथ माउंटेन मिलेट, ऑर्गेनिक रूप से उगाई गयी दालों, कलिनरी हर्ब्स, जड़ी-बूटी ही नहीं बल्कि जंगली फलों जैसे किल्मोड़, बेड़ू, काफल, बुर...
स्वरोजगार की नई मिसाल, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर महिलाओं ने संभाला टेंट का कारोबार

स्वरोजगार की नई मिसाल, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर महिलाओं ने संभाला टेंट का कारोबार

रुद्रप्रयाग
केदारनाथ यात्रा में इस बार घाटी की महिलाओं ने स्वरोजगार की नई मिसाल पेश की है. 20 महिलाओं ने पहली बार यात्रा पैदल मार्ग से लेकर धाम तक टेंट का कारोबार शुरू किया है. इससे तीर्थयात्रियों को कंपकंपाती ठंड में रात गुजारने के लिए आसरा मिल रहा है. इनमें अधिकांश महिलाएं तो बुजुर्गों, बच्चों को चाय, गर्म पानी और दूध तक मुफ्त मुहैया करा रही हैं. केदारनाथ विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है. जहां पल-पल मौसम बदलता रहता है. कब बारिश व बर्फबारी हो जाए कहना मुश्किल है. साथ ही सामान्य मौसम में भी यहां रहना आसान नहीं है. इन सबके बीच केदारघाटी के अलग-अलग गांवों की 20 से अधिक महिलाएं टेंटों का संचालन कर रही हैं. यह पहला मौका है जब महिलाओं द्वारा केदारनाथ यात्रा में टेंट संचालित किए जा रहे हैं. 25 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अभी तक आए दिन खराब मौसम के चलते टेंटों में यात्री कम ही रुक रहे हैं. बारिश...
नौकरी छोड़ होमस्टे चला रहा इंजीनियर

नौकरी छोड़ होमस्टे चला रहा इंजीनियर

अभिनव पहल
प्रियंका, शोधार्थीअभिषेक सिंह पेशे से इंजीनियर है. पौड़ी-देहरादून रूट पर होमस्टे चलाते हैं. उनका कहना है कि मेरा उद्देश्य एग्रो-टूरिज्म को बढ़ावा देना है. जिसके जरिए मैं आस-पास के ग्रामीणों के लिए भी रोजगार सृजन कर सकूं. अभी मेरे पास चार स्थाई कर्मचारी हैं. because गर्मियों के सीजन में जैसे ही होमस्टे का कारोबार बढ़ता है, मैं आस-पास के गांवों के लोगों को भी इससे जोड़ लेता हूं, ताकि उनकी भी कमाई हो सकें. होमस्टे में आने वाले ज्यादातर टूरिस्ट कैंपिंग का मजा लेना चाहते हैं. उनके लिए पहाड़ पर बना होमस्टे किसी आश्चर्य से कम नहीं होता है. पढ़ें— प्रकृति और जैविक उत्पादों से दिखाई स्वरोजगार की राह… मैं 2016 से ही स्वरोजगार कर रहा हूं. सबसे पहले डेयरी खोली. लेकिन लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला, क्योंकि पैकेट बंद दूध खरीदने की आदत के चलते लोग इसे गोशाला कहते थे. because धीरे-धीरे मैंने इसका वि...
स्वरोजगार से 25 लोगों को रोजगार दे रहा युवा

स्वरोजगार से 25 लोगों को रोजगार दे रहा युवा

अभिनव पहल
मनीष ने डेढ़ लाख रुपए की पूंजी व सीमित संसाधनों के साथ अपना स्वरोजगार शुरू किया था और आज उनका वार्षिक टर्नओवर लगभग 24-25 लाख रुपए है. because शुरुआत में परिवार के सदस्यों ने ही स्वरोजगार के कार्य को आगे बढ़ाया. लेकिन आज वह 20-25 लोगों को रोजगार दे रहे हैं. मनीष की सफलता से प्रभवित होकर आज कई युवा भी उनसे प्रेरित हो रहे हैं.आरूशी, शोधार्थीकिसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति व प्रगति का भर  युवाओं के कंधों  पर होता है. यही कारण है कि समाज की दशा-दिशा के निर्धारण में उनकी अहम भूमिका होती है. ऐसे ही एक युवा हैं मनीष सुंदरियाल जो पौड़ी गढ़वाल जिले के नैनीडांडा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम डुंगरी निवासी हैं और स्वरोजगार के जरिए युवाओं के because प्रेरणा स्त्रोत बन रहे हैं. मनीष 1998 से ही स्वरोजगार के जरिए स्थानीय उत्पादों को उत्तराखंड में ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी पहुंचा रहे हैं।  उन्होंने 22...