Tag: विश्व मानसिक स्वास्थ्य

तनाव और अवसाद से ग्रस्त होना आज आम हो गया!

तनाव और अवसाद से ग्रस्त होना आज आम हो गया!

साहित्‍य-संस्कृति
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (1 0 अक्टूबर) पर विशेष   गिरीश्वर मिश्र ‘जीवेम शरद: शतम्’! भारत में स्वस्थ और सुखी सौ साल की जिंदगी की आकांक्षा के साथ सक्रिय जीवन का संकल्प लेने का विधान बड़ा पुराना  है. पूरी सृष्टि में मनुष्य अपनी कल्पना शक्ति और बुद्धि बल से सभी प्राणियों में उत्कृष्ट है. वह इस जीवन और जीवन के परिवेश को रचने की भी क्षमता रखता है. साहित्य, कला, स्थापत्य, और ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में उसकी विराट उपलब्धियों को देख कर कोई भी चकित हो जाता है. यह सब तभी सम्भव है जब जीवन हो और वह भी आरोग्यमय हो. परन्तु लोग स्वास्थ्य पर तब तक  ध्यान नहीं देते  जब तक कोई कठिनाई न आ जाय. दूसरों से तुलना करने और अपनी  बेलगाम होती जरूरतों और महत्वाकांक्षाओं के बदौलत तरह-तरह, चिंता कष्ट, तनाव और अवसाद से ग्रस्त होना आज आम बात हो गयी है. मुश्किलों के आगे घुटने टेक कई लोग तो जीवन से ही निराश हो बैठ...