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लोक पर्व-त्योहार

नवरात्रि: प्रत्येक रूप और प्रत्येक नाम में एक ही चेतना के उत्सर्ग की अनुभूति दुर्गा होना है

सुनीता भट्ट पैन्यूली शक्ति वह शस्त्र है जिससे स्वयं व दूसरों के कल्याण के लिए  समस्त विसंगतियों का समूल नाश किया जा सकता है. यह तय है कि जहां शक्ति का उपार्जन होता है वहीं आत्मविश्वास भी जन्म लेता है और आत्मविश्वास जब अनुशासित व सकारात्मक होता है, सफलता निश्चित ही उसका अनुगमन करती है. […]