उत्तरकाशी

दयारा बुग्याल में खेली गई दूध-मक्खन से अनूठी होली

दयारा बुग्याल में खेली गई दूध-मक्खन से अनूठी होली

उत्तरकाशी
हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीउत्तराखंड में उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल में अंढूड़ी उत्सव (बटर फेस्टिवल)  का आयोजन किया गया. सदियों से दूध-मक्खन की अनूठी होली खेलने की परंपरा को जीवित रखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों ने इस अद्भुत होली का आनंद लिया. इस इलाके की परंपरा है कि  ग्रामीण बुग्यालों से अपने मवेशियों को जब अपने घरों की ओर वापसी करते हैं तो इस मौके पर ग्रामीण दूध-दही मक्खन को वन देवताओं और स्थानीय देवताओं को चढ़ाकर आशीर्वाद लेते हैं.ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर दयारा बुग्याल में दूध-मक्खन की होली खेली गई. उत्सव समेश्वर देवडोली और पांडव पश्वों के सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया. कृष्ण और राधा के मटकी फोड़ने के बाद पंचगाई पट्टी सहित आस-पास के ग्रामीणों ने दूध-दही और मक्खन की होली खेली. गुलाल की जगह एक दूसरे पर लोगों ने दूध-मक्खन लगाकर रासो तांदी नृत्य का आयोजन किया. जनपद के अ...
शख्सियत : रंग लाई ‘साधना’ की साधना

शख्सियत : रंग लाई ‘साधना’ की साधना

उत्तरकाशी
आशिता डोभाल देवभूमि उत्तराखंड अपने आप में एक खूबसूरत राज्य तो है ही साथ सदियों से ये पर्वतीय राज्य समय-समय पर ऋषि मनिसियों, वीर बालाओं, विरांगनाओं की जन्मभूमि और कर्मभूमि भी रही है. बात चाहे गौरा देवी की करें या तीलू रौतेली की, महारानी कर्णावती की या बसंती बिष्ट की या किसी भी साधारण-सी दिखने वाली गांव की थाती-माटी से जुड़ी महिला की. उसके संघर्षों की दास्तां अपने आप में एक अनूठी मिसाल कायम करती हुई कहानी-सी लगेगी और उस कहानी के पात्र लिखते-लिखते आप महसूस करेंगे कि पहाड़ में जीवन कितना कठिन और दुश्वार रहा होगा. परिस्थितियां चाहे कैसी भी रही हों, पहाड़ की नारी ने इन संघर्षों और कठिनाइयों को सहर्ष स्वीकार किया और उन से पार पाकर देश ही नहीं विश्व पटल पर भी अपना नाम ऊंचा किया. सीमांत जनपद उत्तरकाशी आज भी विषम भौगोलिक परिस्थितियों से जूझ रहा है, जबकि हम आज 21वीं सदी में जी रहे है पर हमारे कई गा...
उत्तरकाशी : तीन महीने से लापता ‘अनिता’ का नहीं लगा कोई सुराग

उत्तरकाशी : तीन महीने से लापता ‘अनिता’ का नहीं लगा कोई सुराग

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडीउतरकाशी जिला मुख्यालय के निकट  निरोकोट गाँव से 21जून से  लापता 22 वर्षीय अनिता का तीन महीने बाद भी पुलिस कोई पता नही लगा पायी है. बताते चलें  कि  बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली ‘अनिता’  21 जून से लापता है. 21 जून को सुबह दस बजे गाँव से मात्र आधा किमी दूर घास के लिए जंगल गयी अनिता शाम तक घर नही लौटी. जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा खोजबीन की गयी, परिजनों द्वारा 23 जून को अनिता की गुमशुदगी के बारे में थाना कोतवाली उतरकाशी में एफआईआर भी दर्ज करवाई गयी, लेकिन अब तक लापता युवती  के संबंध में कोई सूचना नहीं है. युवती के पिता भगवान सिंह गुंसाई ने बताया कि वे ग्रामीणों के साथ उसे जगह -जगह ढूंढ रहे हैं, उन्हें पुलिस द्वारा भी किसी तरह की कोई सूचना नही मिली है कि पुलिस ने उनकी बेटी को ढूंढने का क्या प्रयास किया है? युवती के पिता ने पुलिस-प्रशासन और सरकार से उनकी जवान बेटी को ढ...
गर्भवती महिलाओं को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हेली सेवा उपलब्ध कराने निर्देश!

गर्भवती महिलाओं को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हेली सेवा उपलब्ध कराने निर्देश!

उत्तरकाशी
आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावितों के मददगार बने अधिकारी- मुख्यमंत्री देहरादून. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को प्रदेश में भारी वर्षा से उत्पन्न आपदा की स्थिति की मुख्य सचिव तथा अपर मुख्य सचिवों सहित शासन के उच्चाधिकारियों के साथ जनपदवार गहन समीक्षा की. प्रदेश के सभी जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुडे थे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आपदा प्रभावितों को वितरित किये जाने वाले मुवावजे में व्यवहारिकता का ध्यान रखने तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को हेली सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये . उन्होंने बरसात के तुरन्त बाद प्रदेश की सड़कों की मरम्मत का कार्य प्रारम्भ करने तथा देहरादून की सड़कों अविलम्ब आवश्यक मरम्मत करने के भी निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सड़कों की मरम्मत से संबंधित डी.पी.आर. एवं टेंडर आदि की प्रक्रिया अभी से प...
उत्तरकाशी : अचानक बेहोश होने लगी एक के बाद एक छात्रा, कुछ चीखने—चिल्लाने लगी

उत्तरकाशी : अचानक बेहोश होने लगी एक के बाद एक छात्रा, कुछ चीखने—चिल्लाने लगी

उत्तरकाशी
स्कूल की नई बिल्डिंग में बैठते ही बेहोश हुईं 10 बालिकाएं बच्चे जब एक सप्ताह बाद स्कूल पहुंचे तो उनके विद्यालय के नए भवन में बैठते ही एक के बाद एक लगातार 10 बालिकाएं बेहोश होने लगीं. बुधवार को पहले भी एक दो बच्चे ही बेहोश हो रहे हुए थे. लेकिन आज स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की चिंता उस समय एकाएक बढ़ गई. ज़ब एक साथ 10 बालिकाएं कक्षा में बेहोश हो गई. शिक्षकों, अभिभावकों ने छात्राओं को बाहर निकाला और जैसे ही मैदान में लाया तो वह चीखने चिल्लाने लगी. प्रत्यक्षदर्शीयों के अनुसार सभी बीमार छात्राओं को उनके अभिभावक देव पश्वा के पास ले गए हैं. अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की वह जल्द से जल्द मामले में संज्ञान लेकर समाधान निकालें. इससे पहले उत्तराखंड के चंपावत जिले में भी ऐसा ही मामला सामने आया था. यहां जिला मुख्यालय से 93 किमी दूर स्थित जीआईसी रमक में कुछ छात्राएं एक साथ रोने, चीखने...
पुरोला : बाइक रपटने से युवक की मौत

पुरोला : बाइक रपटने से युवक की मौत

उत्तरकाशी
नगर पंचायत के अंतर्गत छाड़ा खड्ड के पास आज सुबह बाइक रपटने से एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गयीण् जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. खबर की सूचना परिजनों को दे दी गई है. हादसे के बाद से परिजनों का रो–रोकर बुरा हाल है. थानाध्यक्ष पुरोला अशोक कुमार चक्रवर्ती ने जानकारी देते बताया कि आज सुबह डिग्री कॉलेज रोड से मार्केट की तरफ आ रही बाइक संख्या (UK16D7251) छाड़ा खड्ड के पास फिसलन गई. हादसे में विकासखंड मोरी के कुनारा गांव निवासी रोहित (25) पुत्र मेंबर सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया है. थानाध्यक्ष ने बताया कि युवक का पंचनामा भर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है....
पुरोला—मोरी: भेड़ पालकों का जीवन बीमा करने की मांग!

पुरोला—मोरी: भेड़ पालकों का जीवन बीमा करने की मांग!

उत्तरकाशी
नीरज  उत्तराखंडीभेड़ पहाड़ की  आर्थिकी की रीढ़ है लेकिन उचित  प्रोत्साहन न मिलने से भेड़ -बकरी पालन व्यवसाय  दम तोड़ता  नजर आ रहा है. आधुनिक सुख सविधाओं की ओर दौड़ती युवा पीढ़ी पारम्परिक व्यवसाय भेड़ बकरी पालन से विमुख होती जा रही है. जिसकी एक बडी वजह भेड़ पालकों की सरकारी अनदेखी भी शामिल है. उचित सहयोग प्रोत्साहन न मिले से युवा पीढ़ी इस पुश्तैनी  व्यवसाय  से  मुख मोड़ने लगी है. पहाड़ की जवानी रोटी रोजगार की तलाश  में  मैदान  की खाक छान रही है.आज के युवक भेड़ पालन व्यवसाय पर रुचि नहीं ले रहे हैं. जिससे लगातार भेड़-बकरी व्यवसायियों की संख्या में भारी गिरावट आ रही है. उच्च हिमालय की  सुन्दर घाटियों में समुद्रतल से  3566 मीटर (11700 फीट) की ऊंचाई पर भेड़ पालक बेखौफ मौसम की मार झेल कर  भेड़ बकरी व्यवसाय पालन करते है. प्रतिकूल परिस्थितियों में धूप, बारिश, सर्दी  आसमानी  बिजली  के संकट से जूझ...
पुरोला-मोरी: आषाढ़ी सांस्कृतिक  मेलों का आगाज 

पुरोला-मोरी: आषाढ़ी सांस्कृतिक  मेलों का आगाज 

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडी, पुरोलामोरी विकास खंड के गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र में स्थित गांवों में आषाढ़ माह में  आयोजित होने वाले सांस्कृतिक  मेलों का आगाज  हो गया  है.  आषाढ़ माह के मेलों में क्षेत्र के ईष्टदेव सोमेश्वर महादेव प्रत्येक गांव में पहुंचकर रात्रि विश्राम कर रात्रि जागरण करते हैं. ग्रामीण  तांदी,रासौं आदि नृत्य  कर अपनी पौराणिक संस्कृति की छटा बिखेरते  हैं. तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते है.  गोविंद वन्य जीव विहार  क्षेत्र के बड़ासू,अडोर,पंचगाई पट्टी में आषाढ़ माह में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक  मेलोंका आगाज हो गया  है. क्षेत्र के इष्टदेव सोमेश्वर महाराज इस अवसर पर अपने पुजारी,माली,बजीर,स्याणे, क्षेत्र के युवा,युवती, बुजुर्गो के साथ पद यात्रा कर प्रत्येक गांव में रात्रि विश्राम कर ग्रमीणों को क्षेत्र की समृद्धि एव॔ खुशहाली का शुभाशीष देते है. बुधवार को मेले का आगाज सोमे...
प्रख्यात साहित्यकार महावीर रवांल्टा को मिलेगा ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव’ सम्मान

प्रख्यात साहित्यकार महावीर रवांल्टा को मिलेगा ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव’ सम्मान

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी: देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार महावीर रवांल्टा को उत्तराखंड भाषा संस्थान की ओर से उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. यह रवांई और रवांल्टी भाषा के लिए गौरव का पल है. महावीर रवांल्टा को हिन्दी साहित्य के लिए इससे पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं. उनके सम्मानों की सूची भले ही कितनी ही लंबी क्यों ना हो, लेकिन लोकभाषा के लिए मिलने वाला यह सम्मान उनके लिए बहुत मायने रखता है. सम्मान की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की थी. इसके तहत राज्य की भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन करने वाले लोकभाषा साहित्यकारों का चयन किया जाना था. इसके लिए बाकायदा एक समिति का गठन किया गया था. चयन समिति ने रवांल्टी के लिए महावीर रवांल्टा का चयन किया. यह सम्मान 30 जून को सर्व चौक स्थिति आईआडीटी ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देंगे.मुझे बहुत सम्मान मिले हैं, लेकिन अपनी लोकभाषा ...
पुरोला : आसमानी बिजली गिरने से एक युवक की मौत

पुरोला : आसमानी बिजली गिरने से एक युवक की मौत

उत्तरकाशी
पुरोला. तहसील के अंतर्गत रविवार को आसमानी बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गये। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया है. मिली जानकारी के अनुसार पुरोला तहसील के ग्राम कंडियाल गांव में खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों के ऊपर आकाशीय बिजली गिरने से उसकी चपेट में आने से अभिषेक (20) पुत्र धीरपाल सिंह की मौत हो गई. जबकि निखिल (17) पुत्र खुशपाल अशोक (14) पुत्र धीरपाल व चंद्र सिंह (58) पुत्र जयपाल सिंह गंभीर घायल हो गए, घायलों को बर्फिया लाला जुवांठा जिला उप चिकित्सालय पुरोला में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया. बताया जा रहा है सभी लोग क्यारियों में धान की रोपाई का काम कर रहे थे, युवक की असमय दर्दनाक मौत से गांव में मातम छा गया है....