उत्तराखंड हलचल

सीबीसी नैनीताल के बनाये पोषण गीत को देश को समर्पित करेंगे कोश्यारी

सीबीसी नैनीताल के बनाये पोषण गीत को देश को समर्पित करेंगे कोश्यारी

उधमसिंह नगर
 हिमांतर ब्यूरो, खटीमापूर्व राज्यपाल और मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी गुरुवार से खटीमा में पोषण माह अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे. केंद्रीय संचार ब्यूरो, नैनीताल द्वारा आयोजित इस दो-दिवसीय कार्यक्रम में चित्र प्रदर्शनी और जागरूकता अभियान शामिल हैं. कार्यक्रम की नोडल अधिकारी शर्मिष्ठा बिष्ट ने बताया कि सीबीसी नैनीताल ने जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक पोषण गीत बनाया है, जिसे भगत सिंह कोश्यारी थारू विकास भवन खटीमा से देश को समर्पित करेंगे. यह गीत पोषण के महत्व को बढ़ावा देने और लोगों को जागरूक करने के लिए बनाया गया है.चेतना रथ को दिखाई झंडी नगर पालिका चेयरमैन रमेश जोशी और एसडीएम तुषार सैनी ने संयुक्त रूप से पोषण चेतना रथ को रवाना किया. यह रथ खटीमा के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को पोषण के महत्व के बारे में जागरूक करेगा.प्रतियोगिताओं का आयोजन कार्यक्रम संयोज...
महिला लायनेस क्लब : तनुजा जोशी बनीं अध्यक्षा, शालिनी गुप्ता सचिव

महिला लायनेस क्लब : तनुजा जोशी बनीं अध्यक्षा, शालिनी गुप्ता सचिव

नैनीताल
महिला लायनेस क्लब हल्द्वानी की नई कार्यकारिणी का गठन हल्द्वानी. महिला लायनेस क्लब हल्द्वानी की नई कार्यकारिणी का गठन सुन्दरम बैंक्वेट हॉल में आयोजित भव्य समारोह के दौरान किया गया। इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी तनुजा जोशी, सचिव का दायित्व शालिनी गुप्ता, कोषाध्यक्ष अलका वार्ष्णेय तथा सोशल मीडिया प्रभारी पूनम सैनी को सौंपा गया. कार्यक्रम में नई अध्यक्षा तनुजा जोशी ने कहा कि वे निष्ठा और ईमानदारी के साथ क्लब को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने पूर्व पदाधिकारियों के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार जताया तथा नई टीम को शुभकामनाएँ दीं.इस अवसर पर संस्था की पूर्व अध्यक्ष रीता अग्रवाल, संगीता टंडन, ऊषा मुकेश, कामिनी पाल, हेमा नेगी, मीरा पाल, राधा अग्रवाल, अन...
देवगोति मेला : सोमेश्वर देवता की छांव में लोक जीवन का उत्सव

देवगोति मेला : सोमेश्वर देवता की छांव में लोक जीवन का उत्सव

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, पुरोला-मोरी, उत्तरकाशीउत्तराखंड हिमालय का हर गांव अपनी परंपराओं, लोकगीतों और देव-आस्थाओं से बसा-गुंथा है। मोरी ब्लॉक की पंचगाई, अडोर और बडासु पट्टियों के 22 गांवों के लिए हर साल होने वाला देवगोति मेला सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्मिलन और सामूहिक उत्सव है। यह मेला आराध्य देव श्री सोमेश्वर देवता की आराधना के साथ शुरू होता है और पूरे क्षेत्र को लोक रंगों से भर देता है।ढाटमीर से गंगाड तक का सफर मेले की शुरुआत बडासु पट्टी के ढाटमीर गांव से होती है। यहां 10–11 दिन तक पूजा-अर्चना और रात्रिकालीन सांस्कृतिक आयोजन चलते हैं। इसके बाद गंगाड और ओसला गांवों में यह उत्सव आगे बढ़ता है। आज, जब गंगाड गांव ने मेले के अंतिम दिवस का साक्षी बना, तो पूरा वातावरण देवधुनों और लोकगीतों से सराबोर था। सोमेश्वर देवता की डोली जब श्रद्धालुओं के बीच थिरकी, तो आ...
रंवाई की बेटी किरण रौतेला वर्मा बनीं उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन की सचिव

रंवाई की बेटी किरण रौतेला वर्मा बनीं उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन की सचिव

देहरादून
देश की पहली महिला सचिव बनाकर रचा इतिहासविजेन्द्र रावत, वरिष्ठ पत्रकारदेहरादून के प्रतिष्ठित होटल हयात में शनिवार की शाम कुछ खास थी। हॉल में मौजूद लोग गुलदस्तों और शुभकामनाओं के साथ उस बेटी का स्वागत कर रहे थे, जिसने पहाड़ की मिट्टी से उठकर इतिहास रचा है। सम्मान पाकर झुककर चरणस्पर्श कर आशीर्वाद लेने वाली वह शख्सियत थीं- किरण रौतेला वर्मा, जिन्हें उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन का सचिव चुना गया है। यह केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात है, क्योंकि किरण भारत में किसी भी राज्य की क्रिकेट एसोसिएशन की पहली महिला सचिव बनी हैं।पहाड़ से देहरादून तक का सफर किरण उत्तरकाशी ज़िले के दूरस्थ तुनाल्का गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता केदार सिंह रौतेला (रौतेला होटल) ने अपनी मेहनत से रोज़गार का रास्ता बनाया, जिसमें शुरुआती दिनों में किरण ने भी उनका साथ दिया। पढ़ाई के साथ...
 5 सितम्बर की क्रांति: कुमाऊं की बारडोली – सल्ट का स्वतंत्रता संग्राम”

 5 सितम्बर की क्रांति: कुमाऊं की बारडोली – सल्ट का स्वतंत्रता संग्राम”

उत्तराखंड हलचल
“खुमाड़ गोलीकांड और सल्ट के रणवीर: एक भूली-बिसरी गाथा”चंद्रशेखर तिवारी Doon Library & Research Centre उत्तराखंड में स्थित अल्मोड़ा जनपद का पश्चिमी सीमावर्ती इलाका सल्ट कहलाता है। तीखे ढलान वाले रुखे-सूखे पहाड़, पानी की बेहद कमी, लखौरी मिर्च की पैदावार और पशुधन के नाम पर हष्ट-पुष्ट बैल इस इलाके की खास पहचान है। प्रशासनिक व्यवस्था के तहत सल्ट का इलाका चार पट्टियों (राजस्व इकाई) में बंटा हुआ है। दूधातोली पर्वत़ श्रेणी के पनढाल से निकलने वाली पश्चिमी रामगंगा नदी चैखुटिया, मासी व भिकियासैण होकर सल्ट इलाके को छूते हुए भाबर प्रदेश को चली जाती है। स्थानीय लोक गाथाओं के अनुसार यह इलाका ’राजा हरुहीत’ की कर्मभूमि रहा है। राजा हरुहीत का जन्म आज से तकरीबन 200 साल पहले तल्ला सल्ट पट्टी के गुजड़ूकोट गांव में हुआ था। राजा हरुहीत अपनी वीरता के साथ ही अपनी दयालुता व न्यायप्रियता के लिए प्रसिद्ध थे। इ...
कपूर कचरी की खेती – सुगंध से आजीविका तक

कपूर कचरी की खेती – सुगंध से आजीविका तक

खेती-बाड़ी, चमोली
कपूर कचरी की हिमालयकी एक बहुमूल्य जड़ी-बूटीजे. पी. मैठाणी हिमालय अपनी अनूठी जैव विविधता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां की वादियों में सैकड़ों औषधीय पौधे और वनस्पतियां स्वाभाविक रूप से उगती हैं। इन्हीं में से एक है – कपूर कचरी (Hedychium spicatum) जिसे स्थानीय भाषा में स्येडू या सैडू कहा जाता है और आम बोलचाल में इसे जिंजर लिली भी कहते हैं। इसका कुल नाम जिंजिबेरेसी है और यह अदरक-हल्दी की तरह कंद वाली औषधीय वनस्पति है।सांस्कृतिक महत्व चमोली जनपद के ग्रामीण अंचल में शादियों के समय होने वाले मंगल स्नान की परंपरा में कपूर कचरी और सुगंधबाला की जड़ों को हल्दी के साथ मिलाकर दूल्हा-दुल्हन के स्नान में प्रयोग किया जाता है। इसकी विशिष्ट सुगंध और औषधीय गुण इसे पर्वतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाते हैं।पीपलकोटी में सफल प्रयोग पीपलकोटी (चमोली) में लगभग 1300 मीटर की ऊंचाई पर ‘आगाज़’ स...
मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखंड के पहले साथी केंद्र का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखंड के पहले साथी केंद्र का शुभारम्भ

चम्‍पावत
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईआईटी कानपुर के सहयोग से हेमवती नन्दन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खटीमा में उत्तराखंड के पहले “साथी केंद्र” का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर आधारित होता है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2020 में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) ने देश की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन किए हैं। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट साथी की शुरुआत वर्ष 2023 में की गई थी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मार्गदर्शन मिल सके।प्रोजेक्ट साथी से लाभआईआईटी और आईआईएससी जैसे संस्थानों के प्रोफेसर ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को कोचिंग दे रहे हैं। इंजीनियरिंग,...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र को आगे बढ़ाओ’ अभियान का नेतृत्व

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र को आगे बढ़ाओ’ अभियान का नेतृत्व

देहरादून
देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक पलटन बाजार में आयोजित ‘स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र को आगे बढ़ाओ’ जनजागरूकता अभियान का नेतृत्व किया. इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत तथा वोकल फॉर लोकल के संकल्प को मजबूत बनाएं.मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल एक आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि यह हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य भी है. उन्होंने जोर दिया कि जब हम देश में निर्मित वस्तुओं को खरीदेंगे, तो न केवल हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को भी बल मिलेगा. उन्होंने दुकानदारों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों पर ‘स्वदेशी नाम पट्टिका’ अवश्य लगाएं, ताकि उपभोक...
यंग उत्तराखंड सिने अवार्ड्स 2025: दिल्ली में गूंजी उत्तराखंडी कला-संस्कृति की गाथा

यंग उत्तराखंड सिने अवार्ड्स 2025: दिल्ली में गूंजी उत्तराखंडी कला-संस्कृति की गाथा

उत्तराखंड हलचल
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीशनिवार, 23 अगस्त की शाम दिल्ली का सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम उत्तराखंड की रंगीन छटा में नहाया हुआ था. मौका था यंग उत्तराखंड सिने अवार्ड्स 2025 का. उत्तराखंड के क्षेत्रीय सिनेमा और संगीत को सम्मानित करने वाला सबसे बड़ा मंच. हजारों दर्शकों की मौजूदगी, झिलमिल रोशनी, और परंपरागत-आधुनिकता का संगम इस आयोजन को अविस्मरणीय बना गया.शुरुआत श्रद्धांजलि से, समापन तालियों की गड़गड़ाहट में कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई और इसके तुरंत बाद मंच पर एक गंभीर सन्नाटा छा गया— उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र की आपदा में दिवंगत लोगों को सामूहिक श्रद्धांजलि दी गई. साथ ही, उत्तराखंड के दो अमर कलाकारों—स्व. घनानंद (घन्ना भाई) और लोकगायक जगदीश बकरोला—को याद कर सभागार भावुक हो उठा. लेकिन यहीं से कार्यक्रम ने एक नई ऊर्जा पकड़ी. लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जैसे माहौल को संजीवनी ...
अस्थाई झील के जलस्तर में आई गिरावट: शेषनाग देवता ने दिया था झील खुलने का आश्वासन, ग्रामीणों को देवता पर भरोसा

अस्थाई झील के जलस्तर में आई गिरावट: शेषनाग देवता ने दिया था झील खुलने का आश्वासन, ग्रामीणों को देवता पर भरोसा

उत्तराखंड हलचल
 सुनील थपलियालबड़कोट (उत्तरकाशी): यमुनोत्री नेशनल हाईवे के स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का प्रवाह रुकने से बनी कृत्रिम झील के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल था। इस प्राकृतिक आपदा को लेकर स्थानीय लोगों की आस्था और धार्मिक विश्वास भी सक्रिय हो उठे हैं। शुक्रवार को, संकट से भयभीत ग्रामीण भगवान श्रीशेषनाग मंदिर के दरवार पहुँचे और आपदा के निवारण के लिए प्रार्थना की। शेषनाग देवता की डोली ने अपने माध्यम से संकेत दिया कि यमुना मैया नाराज हैं। देवता ने बताया कि स्यानाचट्टी के पास गढ़ गाड़ में बना 30 वर्ष पुराना मंदिर, जिसमें आज तक प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा नहीं की गई, यही यमुना मैया के क्रोध का कारण है। साथ ही, यमुना नदी के जल को दूषित करने की घटनाओं ने भी माँ को अप्रसन्न किया है। शेषनाग देवता ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शुक्रवार की संध्या तक झील का संकट समाप्त हो जाए...