उत्तराखंड हलचल

पहाड़ों में प्रकृति, परम्परा, पवित्रता का पर्व- बसंत पंचमी

पहाड़ों में प्रकृति, परम्परा, पवित्रता का पर्व- बसंत पंचमी

उत्तराखंड हलचल
 डॉ. प्रकाश उप्रेती आज पूरे उत्तराखंड में बसंत पंचमी पर्व के साथ बर्फबारी भी हो रही है। प्रकृति के उत्साह और उल्लास का पर्व बसंत पंचमी है। पर्वतीय समाज में बसंत पंचमी, प्रकृति, परम्परा, ऋतु स्वागत, कृषि और मनुष्य के साहचर्य का पर्व है। आज का दिन पहाड़ों के निवासियों के लिए 'खास' 'शुभ' और 'पवित्र' होता है। पहाड़ों में लोग आज के दिन अपने आस-पास की नदियों में स्नान करने जाते हैं। उनके आज के दिन अपनी आस- पास की नदियों में स्नान का महात्म्य गंगा में स्नान के बराबर माना जाता है। बंसत पंचमी के दिन की पवित्रता और शुभदायी होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 'पैट- अपैट' की गणना के बिना कोई भी शुभ कार्य नहीं करने वाले पहाड़ का समाज आज के दिन बिना दिन-बार-मुहर्त देखे सभी (विवाह, मुंडन संस्कार,जनेऊ संस्कार ) शुभ कार्य करते हैं। बहुत सारे लोग आज के दिन विवाह की मंग-जंगनी भी करते हैं और जि...
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा नया कीर्तिमान

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा नया कीर्तिमान

उत्तराखंड हलचल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में एक ही दिन में 7,876 नागरिकों तक पहुंची सरकारहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, त्वरित सेवा-प्रदान और जनसमस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है. यह अभियान सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शासन को वास्तव में जन-केंद्रित बना रहा है.13 जिलों में 408 जनसेवा शिविर 20 जनवरी 2026 तक राज्य के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 408 जनसेवा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं. केवल आज के दिन ही 13 नए शिविरों का आयोजन कर सरकार ने अपनी सक्रियता और प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया. इन शिविरों में अब तक 3,30,461 नागरिकों ने सहभागिता की है, जिनमें आज के दिन 7,876 नागरिकों क...
माघ मेला: कवि सम्मेलन में गूंजा लोकभाषाओं का स्वर, हास्य-व्यंग्य ने बांधा समां

माघ मेला: कवि सम्मेलन में गूंजा लोकभाषाओं का स्वर, हास्य-व्यंग्य ने बांधा समां

उत्तरकाशी
 आशिता डोभाल, उत्तरकाशीमाघ मेला (बाड़ाहाट कु थौलू) के पांचवें दिन रामलीला मैदान में आयोजित रवांल्टी-गढ़वाली-हिंदी कवि सम्मेलन ने साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. लोकभाषाओं की मिठास, सामाजिक सरोकारों की धार और हास्य-व्यंग्य की चुटीली प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया. कार्यक्रम का संयोजन प्रभव साहित्य संगीत कला मंच, उत्तरकाशी एवं लेखक-शिक्षक राघवेंद्र उनियाल के तत्वावधान में संपन्न हुआ. सम्मेलन में मंचासीन प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा की ओजस्वी कविता ने युवाओं में जोश भर दिया. उन्होंने आज-कल सस्ती लोकप्रियता के लिए डिग्रियां खरीदने की प्रवृत्ति पर तीखा कटाक्ष कर समाज को आईना दिखाया. अनोज बनाली ने सामाजिक जागरूकता से जुड़ा व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए शराब-नशे पर करारा प्रहार किया. वहीं प्रदीप रावत की हास्य कविता “मोबाइल” ने श्रोताओं को ठहाकों में डुबो ...
भाषा की ओर लौटता रास्ता

भाषा की ओर लौटता रास्ता

उत्तरकाशी, संस्मरण
  रवांई गौरव सम्मान, स्मृति और बँगानी लेखन की पहली शुरुआतजगमोहन बंगाणीएक सुबह, एक फ़ोन और भीतर उतरती खुशी सुबह का समय था। बाहर हल्की-सी ठंड थी और कमरे में अब भी रात की नमी बची हुई थी। खिड़की से आती धुँधली रोशनी बता रही थी कि दिन धीरे-धीरे जाग रहा है। इसी बीच अचानक फ़ोन की घंटी बजी। यह कोई ऐसी तेज़ या बेचैन कर देने वाली आवाज़ नहीं थी, बल्कि ऐसी घंटी थी जो नींद को तोड़ती नहीं, बल्कि भीतर की चुप्पी को छू लेती है। फ़ोन उठाया तो दूसरी ओर से शांत और स्नेह भरी आवाज़ आई- “जगमोहन भाई, बधाई हो। रवांई लोक महोत्सव 2025, नौगाँव की ओर से इस वर्ष का ‘रवांई गौरव सम्मान’ आपके नाम घोषित किया गया है और 28 दिसंबर 2025 को सम्मान ग्रहण करने के लिए आपकी उपस्थिति आवश्यक है।” कुछ पल के लिए शब्द कानों में ही अटक गए। समझ तो आ गया था कि क्या कहा गया है, लेकिन मन उसे पूरी तरह स्वीकार करने में थोड़ा समय...
माल्टा को मिले स्टेट फ्रूट का दर्जा

माल्टा को मिले स्टेट फ्रूट का दर्जा

देहरादून
  सिट्रस फल बदल सकते हैं पहाड़ के आर्थिक तंत्र का चेहराहिमांतर ब्यूरो, देहरादून‘माल्टा का महीना’ अभियान के तहत सिट्रस आर्थिकी पर दून लाइब्रेरी में एक विचार-विमर्श आयोजित किया गया. हरेला गांव, धाद की पहल पर आयोजित इस संवाद में विशेषज्ञों ने माल्टा सहित सिट्रस फलों को पहाड़ की आर्थिकी का मजबूत आधार बताते हुए इसे स्टेट फ्रूट का दर्जा देने की माँग रखी. कार्यक्रम में आगाज फेडरेशन के जगदम्बा मैठानी, कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव अजय डबराल और गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. तेजपाल बिष्ट ने अपने विचार रखे. स्वागत संबोधन में हरेला उद्यान के संयोजक पवन बिष्ट ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से चल रहा ‘माल्टा का महीना’ अभियान इस वर्ष निर्णायक मोड़ पर पहुंचा है. समाज से लेकर शासन तक इसकी धमक बनी है और आम लोगों ने अभियान के तहत लगभग 12 टन माल्टा की खरीद कर किसानों को सीधा समर्थन दिया...
बाड़ाहाट कू थौलू : लोकआस्था, संस्कृति और विकास का संगम

बाड़ाहाट कू थौलू : लोकआस्था, संस्कृति और विकास का संगम

उत्तरकाशी
  कंडार देवता व हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में शुरू हुआ उत्तरकाशी का पौराणिक माघ मेला देवभूमि की संस्कृति के साथ छेड़–छाड़ की किसी को भी इजाजत नहीं : मुख्यमंत्री  उत्तरकाशी की पावन धरती पर मकर संक्रांति के साथ ही एक बार फिर लोकआस्था, परंपरा और संस्कृति का विराट उत्सव सजीव हो उठा. भागीरथी के तट पर बसे इस हिमालयी नगर में सुप्रसिद्ध माघ मेला—जिसे स्थानीय जनमानस “बाड़ाहाट कू थौलू” के नाम से जानता है—आज पूरे धार्मिक वैभव और सांस्कृतिक उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ.बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता और बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में इस पौराणिक मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ. सप्ताह भर चलने वाला यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तरकाशी की आत्मा, उसकी स्मृतियों और सदियों पुरानी लोक परंपराओं का जीवंत दस्...
औपचारिकता नहीं, 12 महीने का टूरिज्म मॉडल हमारा लक्ष्य : सीएम धामी

औपचारिकता नहीं, 12 महीने का टूरिज्म मॉडल हमारा लक्ष्य : सीएम धामी

उत्तरकाशी
 उत्तराखंडबनेगा देश का ‘नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन, चारधाम के अलावा वेलनेस व एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं पर्यटन से पहाड़ों में रुकेगा पलायन, होमस्टे, टैक्सी और होटल को मिलेगा सालभर रोजगार — मुख्यमंत्री. परमिशन, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग में सरकार देगी हरसंभव सहयोग विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव में सीएम ने कहा विनाश नहीं, रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म हमारा लक्ष्य, हर गांव को पहचान और हर हाथ को रोजगार.हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीशीतकालीन चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया.  कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने ...
स्व.अंजली देवी स्मृति सम्मान-2026 व कल्यो पुस्तक का लोकार्पण

स्व.अंजली देवी स्मृति सम्मान-2026 व कल्यो पुस्तक का लोकार्पण

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदेहरादून स्थित कुकरेजा इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के ऑडिटोरियम में बीते रविवार को गढ़रत्न गढ़ गौरव श्री नरेंद्र सिंह नेगी की अगुवाई में स्वर्गीय अंजली देवी स्मृति सम्मान 2026 का समारोह संपन्न हुआ. अंजली देवी जो की भिलंगना विकासखंड के दूरस्थ गांव भिगुन निवासी स्वर्गीय गणेश राम नौटियाल और गीता देवी की पुत्री थी बचपन से ही प्रतिभा की धनी और गुणों के खान होने के साथ-साथ आंग्ल विषय में विशेष योग्यता रखती थी पर वही ना पहाड़ की नारी का पहाड़ सा दर्द उसे कब किस मोड़ पर लेकर जाता है कुछ पता नहीं अंजली देवी के साथ वही हुआ पहाड़ सा दर्द ढोते ढोते वह अल्पायु में मृत्यु का शिकार हो गई पर उनकी अल्पायु में मृत्यु होने के कारण छोटी बहन आशा को मानसिक रूप से बहुत ही पीड़ा दे गया जिसका परिणाम यह हुआ की आशा अपनी बहन की याद में ये सम्मान शुरू कर गई और अंजली देवी सम्म...
राष्ट्रीय फलक पर चमकेगी कोटद्वार की बेटियां

राष्ट्रीय फलक पर चमकेगी कोटद्वार की बेटियां

पौड़ी गढ़वाल
ग्वालियर में दिखाएंगी हॉकी का दम, तीन बालिकाओं का नेशनल टीम में चयन कोटद्वार (कण्वनगरी). कोटद्वार के खेल जगत के लिए यह अत्यंत हर्ष और गर्व का क्षण है. नगर की तीन प्रतिभावान बेटियों ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और फौलादी इरादों के बल पर उत्तराखंड की राष्ट्रीय हॉकी टीम में स्थान पक्का किया है. ये खिलाड़ी आगामी 2 से 7 जनवरी तक ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में देवभूमि उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी.इन्होंने बढ़ाया कोटद्वार का मान राष्ट्रीय स्तर पर चयनित इन बालिकाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी मुकाम तक पहुँच सकती हैं—प्राची रावत (पुत्री श्री भारत सिंह रावत) – उत्तराखंड अंडर-14 टीम कल्पना (पुत्री श्री गजपाल सिंह) – उत्तराखंड अंडर-14 टीम पल्लवी (पुत्री श्री कुलदीप चंद) – उत्तराखंड अंडर-19 ...
रवांई लोक महोत्सव 2025: चुनौतियों को पार कर लोक संस्कृति की जीत

रवांई लोक महोत्सव 2025: चुनौतियों को पार कर लोक संस्कृति की जीत

उत्तरकाशी
  नौगांव (उत्तरकाशी): उत्तराखंड की रवांई घाटी में लोक परंपराओं को जीवंत रखने वाला रवांई लोक महोत्सव कोरोना के लंबे अंतराल के बाद इस वर्ष भव्य रूप से लौटा। 26 से 28 दिसंबर तक तीन दिवसीय यह आयोजन होटल रॉयल पैलेस में संपन्न हुआ, जहां स्थानीय कलाकारों, बच्चों और लोक वाद्यों की धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीमित संसाधनों और कई बाधाओं के बावजूद टीम की दृढ़ता ने महोत्सव को सफल बनाया, जो रवांई की समृद्ध देव संस्कृति, संगीत और अतिथि सत्कार की परंपरा का प्रतीक बना।महोत्सव का आयोजन 2017, 2018 और 2019 में लगातार हुआ था, लेकिन महामारी ने इसे रोक दिया। इस बार टीम रवांई लोक महोत्सव ने हौसले से पुनर्जीवन का फैसला लिया। आयोजक प्रदीप रावत रवांल्टा ने बताया कि राजनीतिक दबाव और फंड की कमी जैसी चुनौतियां आईं, लेकिन टीम ने अपनी मूल भावना को बनाए रखा।पहले दिन: देव पूजा और बच्चों की प्रस्...