देहरादून

गज्जू-मलारी वीडियो एल्बम का लोकार्पण

गज्जू-मलारी वीडियो एल्बम का लोकार्पण

देहरादून
विकासनगर. जौनसार-बावर की लोक संस्कृति पर आधारित जौनसारी बोली भाषा में निर्मित गज्जू-मलारी के वीडियो एल्बम का लोकार्पण जौनसार बावर भवन में किया गया. गज्जू-मलारी वीडियो एल्बम के लोकार्पण अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए कालसी के क्षेत्रीय वन अधिकारी ज्वाला प्रसाद ने कहा कि जौनसार—बावर, जौनपुर—रवांई की संस्कृति आपसी प्रेम और सौहार्द की संस्कृति है. इस क्षेत्र का खानपान, रीति रिवाज, परंपरा व रहन-सहन अद्भुत है. इसलिए यहां पर जो गीत बनाए जा रहे हैं उन्हें लोग खूब पसंद करते हैं.कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी भारत चौहान ने कहा कि जौनसार बावर की लोक संस्कृति केवल गीत और नृत्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के लोगों के अंदर सहकारिता की भावना कूट-कूट कर भरी हुई है, आपसी सहयोग से सभी समुदाय को साथ लेकर चलना यह भी एक संस्कृति का अंग है. उ...
35 साल पहले बंटे दो परिवार हुए एक, गांव में जश्न का माहौल

35 साल पहले बंटे दो परिवार हुए एक, गांव में जश्न का माहौल

देहरादून
जौनसार-बावर के बिजनू गांव के इस परिवार का 1990 में हुआ था बटवारा और 2025 में हुए एक  भारत चौहान ऐसे समय में जब परिवार विखंडित हो रहे हैं लोग एकाकी परिवारों में रहना पसंद कर रहे हैं तब जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में एक ऐसा उदाहरण सामने आया है इस परिवार का 1990 में बटवारा हो गया था वह 2025 में एक हो गया. यह वास्तविकता है जौनसार बावर के खत ऊपरली अठगाव ग्राम बिजनू की. बिजनू गांव में कुल 25 परिवार निवास करते हैं जिसमें‌ तिरनोऊ परिवार के तीन भाई अतर सिंह, सूरत सिंह और किशन सिंह सामूहिक रूप से रहते थे, तीनों ही सगे भाई है. सन 1990 में परिवार में कुछ विवाद हुआ और परिवार‌ का दो हिस्सों में बटवारा हो गया. जिसमें अतर सिंह और किशन सिंह एक तरफ हो गए और बीच वाले भाई सूरत सिंह अपने तीन बेटियों और दो बेटों पत्नी सहित अलग हो गए. समस्त गांववासियों ने पंडित को बुलाकर नियमानुसार परिवार और खेती-बाड़ी का...
सीएम धामी ने किया देहरादून- मसूरी ट्रेक मार्ग का पैदल निरीक्षण

सीएम धामी ने किया देहरादून- मसूरी ट्रेक मार्ग का पैदल निरीक्षण

देहरादून
ट्रेक के नेचुरल लुक को बरकरार रखते हुए बेसिक सुविधाएं विकसित करने के एमडीडीए को दिए निर्देश देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून से मसूरी ट्रेक रूट का पैदल निरीक्षण करते हुए इस मार्ग पर बेसिक सुविधाओं का अवलोकन किया.उन्होंने एमडीडीए को निर्देश दिए कि ट्रेक के नैचुरल  लुक को बरकरार रखते हुए इस मार्ग पर देश-विदेश से आने वाले ट्रेकर्स, टूरिस्ट और आम - जनमानस को  बैठने, खाने- पीने, शौचालय इत्यादि की बेसिक सुविधाएं  डेवलप की जाए.  बेहतर स्वच्छता, रूट मार्गदर्शन हेतु आकर्षक साइनेज और रेलिंग लगाई जाए. इसके साथ ही सुरक्षा और आपातकालीन उपाय भी किए जाएं.अवलोकन के दौरान उन्होंने सीनियर सिटीजन और पुराने ट्रेकर्स से भी बातचीत की  तथा उनके द्वारा प्राप्त फीडबैक को भी रूट डेवलपमेंट में शामिल करने के अधिकारियों को निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थित दूसरे ट्रेकिंग...
राज्य सरकार ने इस साल किसानों से खरीदा 3100 मीट्रिक टन मंडुआ

राज्य सरकार ने इस साल किसानों से खरीदा 3100 मीट्रिक टन मंडुआ

देहरादून
राज्य भर में 270 केंद्रों के जरिए हुई मंडुआ की खरीद सरकार ने किसानों से 4200 प्रति कुंतल के मूल्य पर की खरीद देहरादून. कुछ समय पहले तक उपेक्षित रहने वाला मंडुआ अब हाथों हाथ बिक रहा है. राज्य सरकार ने ही इस साल विभिन्न सहकारी और किसान संघों के जरिए उत्तराखंड के किसानों से 3100 मीट्रिक टन से अधिक मंडुआ खरीदा है. सरकार ने इस साल किसानों को मंडुआ पर 4200 प्रति कुंतल का समर्थन मूल्य भी दिया है. उत्तराखंड के सीढ़ीदार खेतों में परंपरागत रूप से मंडुआ की खेती होती रही है. लेकिन कुछ साल पहले तक मंडुआ फसल उपेक्षा का शिकार रहती थी, जिस कारण किसानों का भी मंडुआ उत्पादन के प्रति मोह भंग होने लगा था. लेकिन केंद्र और उत्तराखंड सरकार द्वारा अब मिलेट्स फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिस कारण उत्तराखंड में मंडुआ उत्पादक क्षेत्र के साथ ही उत्पादन भी बढ़ रहा है. मौजूदा सरकार ने मंडुआ उत्पादक किसानों को प्र...
उत्तराखंड : ग्लेशियर झीलों के व्यापक अध्ययन और नियमित निगरानी के लिए कार्य योजना!

उत्तराखंड : ग्लेशियर झीलों के व्यापक अध्ययन और नियमित निगरानी के लिए कार्य योजना!

देहरादून
सचिवालय में विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ विचार-विमर्श उत्तराखंड में स्थित ग्लेशियर झीलों के व्यापक अध्ययन और इनकी नियमित निगरानी के लिए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा विस्तृत कार्य योजना बनाई जा रही है. इस संबंध में आज सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में सचिवालय में विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ विचार-विमर्श किया गया. बैठक में सचिव श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि उत्तराखण्ड में 13 ग्लेशियर झीलें चिन्हित की गई हैं. इनमें से पांच श्रेणी-ए में हैं. उन्होंने बताया कि बीते साल एक दल ने चमोली जनपद के धौली गंगा बेसिन स्थित वसुधारा झील का सर्वे किया है. इस दल में यूएसडीएमए, आईआईआरएस, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा आईटीबीपी के प्रतिनिधि शामिल थे.ग्लेशियर झीलों के स्वरूप व प्रकृति का ...
मुख्यमंत्री ने किया प्रथम सोलर मेला “सौर कौथिग” का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने किया प्रथम सोलर मेला “सौर कौथिग” का शुभारंभ

देहरादून
2026 तक कुल 250 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेंजर्स ग्राउण्ड देहरादून में ‘ उत्तराखण्ड के प्रथम सोलर मेले दो दिवसीय ‘सौर कौथिग’ का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और सोलर वाटर हीटर योजना के लाभार्थियों को अनुदान राशि के चेक प्रदान करने के साथ ही यूपीसीएल मुख्यालय में बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित म्यूरल आर्ट का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया. मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा जन जागरूकता के लिए चलाई जा रही सोलर वैन को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया. इसके माध्यम में आगामी सौ दिनों तक सोलर ऊर्जा से संबंधित विभिन्न जानकारी लोगों को दी जायेगी. साथ ही विभिन्न स्टॉल पर जाकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे नवोन्मेषी प्रयोगों की जानकारी ली. सौर कौथिग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत...
उत्तराखंड लागू करेगा देश की प्रथम योग नीति : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड लागू करेगा देश की प्रथम योग नीति : मुख्यमंत्री

देहरादून
10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो - 2024 में मुख्यमंत्री ने दी जानकारी. केंद्र सरकार से उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने का अनुरोध किया सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश सरकार देश की 'प्रथम योग नीति' लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है. योग नीति आयुर्वेद और योग को व्यापक स्तर पर साथ लाकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई क्रांति लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. गुरुवार को परेड ग्राउंड में आयोजित 10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो -2024 को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये हमारे लिए गर्व का विषय है कि हमारे प्रदेश में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 6000 से अधिक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं. एक्सपो में ल...
वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेसः नया रिकार्ड बना सकता है उत्तराखंड

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेसः नया रिकार्ड बना सकता है उत्तराखंड

देहरादून
आयोजन में भाग लेने के लिए साढे़ छह हजार रजिस्ट्रेशन से उम्मीदों को लगे पंख   देहरादून. वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 में उत्तराखंड नया रिकार्ड बना सकता है. आयुर्वेद के इस महाकुंभ के लिए हो रहे रजिस्ट्रेशन से ऐसे संकेत उभर रहे हैं. अभी तक साढे़ छह हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं. कार्यक्रम 12 दिसंबर से शुरू होना है. पिछले वर्ष गोवा में आयोजित इस आयोजन के नौवें संस्करण में सबसे ज्यादा 5102 डेलीगेट्स पहुंचे थे. जिस हिसाब से रजिस्ट्रेशन हुए हैं, उसके मुताबिक ही डेलीगेट्स की उपस्थिति रहने पर उत्तराखंड के नाम एक उपलब्धि दर्ज होना तय है. वर्ष 2002 से वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस के आयोजन हो रहे हैं. इस बार मेजबानी का अवसर उत्तराखंड को मिला है. अब तक के इस आयोजन के सफर में डेलीगेट्स की संख्या बढ़ती-घटती रही है. मगर रजिस्ट्रेशन को पैमाना माने, तो उत्तराखंड के लिए अच्छी तस्वीर दिखाई दे र...
उत्तराखण्ड में 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक होंगे राष्ट्रीय खेल

उत्तराखण्ड में 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक होंगे राष्ट्रीय खेल

देहरादून
राष्ट्रीय खेल उत्तराखण्ड को खेल भूमि के रूप में भी स्थापित करेंगे : मुख्यमंत्री  उत्तराखण्ड में 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए सभी तैयारियां बेहतर व्यवस्थाओं के साथ पूर्ण की जाएं. राष्ट्रीय खेल का आयोजन प्रदेश के लिए न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह प्रदेश की खेल संस्कृति और विकास को प्रोत्साहन देने का भी महत्वपूर्ण अवसर है. राष्ट्रीय खेल उत्तराखण्ड को खेल भूमि के रूप में भी स्थापित करेंगे. यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजीव गांधी अन्तरराष्ट्रीय स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कही.  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि खिलाड़ियों के लिए सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता वाली और सुगम हों. नेशनल गेम्स के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक विभाग से एक नोडल अधिकारी की तैनाती की जाए. खिला...
जौनसारी फिल्म “मैरै गांव की बाट” ने रचा इतिहास

जौनसारी फिल्म “मैरै गांव की बाट” ने रचा इतिहास

देहरादून
नीरज उत्तराखंडी "मैरै गांव की बाट को जैसे ही देहरादून के सेंट्रियो मॉल में प्रारम्भ हुई, वैसे ही उत्तराखंड के जौनसार बावर की जौनसारी भाषा विश्व सिनेमा के रिकॉर्ड में भी हमेशा के लिए दर्ज हो गई. उल्लेखनीय है कि इससे पहले उत्तराखंड में गढ़वाली व कुमाउनी भाषा की काफी फिल्में बन चुकी हैं, पर जौनसार बावर की लोकभाषा में फ़िल्म कभी बन नहीं पाई, सीडी स्तर की एक दो छोटी फिल्मों के प्रयोग जरूर हुए पर सिनेमाहॉल के रुपहले पर्दे पर अपनी भाषा संस्कृति को देखने का अनुभव ही अलग होता है. और जौनसार बावर 5 दिसम्बर को इसी अनुभव से रूबरू होकर इतिहास रचने जा रहा है.क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर पहली जौनसारी फ़िल्म "मैरै गांव की बाट" भले ही जौनसार बावर की संस्कृति को प्रचारित करने वाली है, बल्कि साथ ही इस क्षेत्र में रोजगार व कारोबार की दिशा में भी सकारात्मक बदलाव लाने वाली है. कई क्षेत्रों के पिछले अन...