देहरादून

जड़ी-बूटी इकोनॉमी को गति देने के लिए सरकार का नया रोडमैप

जड़ी-बूटी इकोनॉमी को गति देने के लिए सरकार का नया रोडमैप

देहरादून
  हिमालय की गोद में उभरता हर्बल क्रांति का नया अध्याय देहरादून. हिमालय की उच्च तराइयों में सदियों से पलती–बढ़ती औषधीय वनस्पतियाँ अब उत्तराखंड के ग्रामीण जीवन, रोजगार और आर्थिकी को एक नई दिशा देने जा रही हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में हुई जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की बैठक में स्पष्ट कहा- “हर्बल और जड़ी-बूटी सेक्टर में नवाचार, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग भविष्य का असली मंत्र है.” राज्य की पहाड़ी मिट्टी में छिपे इस ‘हरी–सोने’ को पहचानकर उसे वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने की योजना अब तेज रफ्तार पकड़ने वाली है.गांवों में हर्बल क्लस्टर: जंगली घास नहीं, अब ब्रांडेड उत्पाद की कहानी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गांवों में हर्बल क्लस्टर विकसित किए जाएँ, जहाँ किसान केवल कच्ची जड़ी-बूटियाँ न उगाएँ, बल्कि उनका प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग भी स्थानीय स्तर पर हो. इससे खेत...
हरिद्वार कुंभ 2027 के स्नान की महत्वपूर्ण तिथियां घोषित

हरिद्वार कुंभ 2027 के स्नान की महत्वपूर्ण तिथियां घोषित

देहरादून
  गंगा तट पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ली अखाड़ों से राय हरिद्वार. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार में गंगा तट पर अखाड़ों के आचार्यों एवं संतों के साथ विशेष बैठक कर कुंभ 2027 के प्रमुख स्नान की तिथियों की घोषणा की. पहली बार गंगा किनारे आयोजित हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ की तैयारियों में संत समाज की परम्पराओं और आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.कुंभ 2027 के प्रमुख स्नान पर्व मुख्यमंत्री ने निम्न प्रमुख तिथियों की घोषणा की—14 जनवरी 2027 – मकर संक्रांति 06 फरवरी 2027 – मौनी अमावस्या 11 फरवरी 2027 – वसंत पंचमी 20 फरवरी 2027 – माघ पूर्णिमा 06 मार्च 2027 – महाशिवरात्रि (अमृत स्नान) 08 मार्च 2027 – फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान) 07 अप्रैल 2027 – नव संवत्सर (नव वर्ष) 14 अप्रैल 2027 – मेष संक...
रंगमंच को जीवंत रखने का एक सुकून भरा प्रयास

रंगमंच को जीवंत रखने का एक सुकून भरा प्रयास

कला-रंगमंच, देहरादून
 चंद्रशेखर तिवारी Doon Library & Research Centre रंगकर्मी सुवर्ण रावत की संकल्पना और निर्देशन में कल शाम कला दर्पण बैनर तले सौरभ शुक्ला के हिंदी नाटक "बर्फ" का मंचन एक बार पुनः देखने का अवसर मिला. मूल हिन्दी के इस नाटक को रंगकर्मी व लेखक बद्रीश छाबड़ा 'पहाड़ी सरदार' ने नाटक के तीनों किरदारों  पहाड़ी महिला उषा, उसके पति टैक्सी ड्राइवर जगदीश और डॉ. सिद्धान्त की बारीकियों को बखूबी पकड़ते हुए इस नाटक को गढ़वाली भाषा में रूपांतरित किया. उल्लेखनीय है कि सुवर्ण रावत उत्तरकाशी के बंगाण क्षेत्र से राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), दिल्ली से परफॉर्मिंग आर्ट्स में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त तथा रंगमंच में पीएचडी प्राप्त हैं और संस्कृति मंत्रालय द्वारा रंगमंच में वरिष्ठ शोध फेलोशिप से सम्मानित हैं. वे लंदन (यू.के.), वारसॉ (पोलैंड) सहित कई अन्य देशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच समा...
15-16 नवम्बर 2025 को आयोजित होगा दूसरा उत्तराखण्ड बर्ड काउंट

15-16 नवम्बर 2025 को आयोजित होगा दूसरा उत्तराखण्ड बर्ड काउंट

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदूसरा उत्तराखण्ड बर्ड काउंट (UBC 2025) पूरे राज्य में 15–16 नवम्बर 2025 को आयोजित किया जा रहा है। इसमें स्थानीय पक्षी प्रेमियों, सामुदायिक समूहों, विद्यार्थियों, नेचर गाइडों, उत्तराखण्ड वन विभाग और उत्तराखण्ड राज्य जैवविविधता बोर्ड के सहयोग से समन्वित पक्षी अवलोकन कार्यक्रम किए जाएंगे। इस वर्ष यह आयोजन उत्तराखण्ड राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ (9 नवम्बर 2000) के अवसर पर हो रहा है, जो राज्य की प्राकृतिक धरोहर और साझा पर्यावरणीय पहचान का उत्सव भी है। यह आयोजन 2024 में हुए पहले राज्यव्यापी बर्ड काउंट पर आधारित है और इसका उद्देश्य हर वर्ष पक्षियों के अवलोकन और दस्तावेजीकरण की परंपरा को आगे बढ़ाना है। पहले उत्तराखण्ड बर्ड काउंट (2024) में प्रतिभागियों ने राज्य में ज्ञात 731 पक्षी प्रजातियों में से 399 प्रजातियाँ दर्ज की थीं - जो उत्तराखण्ड की पक्षी विविधता और व्यापक ...
नीलम होमस्टे: आत्मनिर्भरता की मिसाल, होमस्टे योजना से चकराता की नीलम को मिली नई उड़ान

नीलम होमस्टे: आत्मनिर्भरता की मिसाल, होमस्टे योजना से चकराता की नीलम को मिली नई उड़ान

देहरादून
पर्यटन विभाग की पंडित दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदमनीरज उत्तराखंडीउत्तराखंड अपनी लोक संस्कृति, तीर्थ स्थल के साथ साथ साहसिक पर्यटन का केंद्र बन रहा है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर्यटन गतिविधियों को लगातार आगे बढ़ाने में जुटे है. पर्यटन गतिविधियों को लेकर प्रदेश सरकार के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाएं पहाड़ के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है. इसका जीता जागता उदाहरण देहरादून जनपद के चकराता ब्लॉक की रहने वाली नीलम चौहान ने पेश किया है. इन्हें हाल ही में रजत जयंती वर्ष के अवसर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वश्रेष्ठ होमस्टे संचालक के तौर पर पुरस्कृत किया गया. चकराता ब्लॉक की ग्राम पाटी की निवासी नीलम चौहान ने वर्ष 2022-23 में स्वरोजगार हेतु पर्यटन विभाग की पंडित दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के अंतर्गत 15 लाख की राजकीय सहायता प्राप...
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

देहरादून
  मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी, आंदोलनकारियों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की 142.25 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिनमें 43.63 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 98.62 करोड़ रुपये की 33 विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया. खेल, शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत...
उत्तराखंड@25: विकास की नई उड़ान, विरासत से प्रेरित पहचान

उत्तराखंड@25: विकास की नई उड़ान, विरासत से प्रेरित पहचान

देहरादून
  “विकसित भारत का मार्ग उत्तराखंड जैसी ऊर्जावान पहाड़ियों से होकर जाता है” - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनपच्चीस वर्ष पहले जब उत्तराखंड अस्तित्व में आया था, तब यह पहाड़ी प्रदेश अपने संघर्ष, स्वाभिमान और उम्मीदों के साथ एक नई सुबह की ओर बढ़ा था. आज, 2025 में, जब राज्य अपनी रजत जयंती मना रहा है, यह सिर्फ़ एक उत्सव नहीं, बल्कि एक संकल्प की पुनर्पुष्टि है- “विकास भी, विरासत भी.”संघर्ष से सशक्तिकरण तक का सफ़रसन् 2000 में अलग राज्य के रूप में जन्मा उत्तराखंड, शुरुआती वर्षों में कई चुनौतियों से जूझा - भौगोलिक कठिनाइयां, सीमित संसाधन, पलायन और आपदाएं. परंतु इन सबके बीच यह राज्य जनशक्ति और जनभावना की मिसाल बनकर उभरा. देवभूमि के लोग हर परिस्थिति में डटे रहे. खेती-बाड़ी, सेना, शिक्षा, पर्यटन, विज्ञान-  हर क्षेत्र में उत्तराखंडी युवाओं ने अपनी मेहनत और...
किसानों का परिश्रम और त्याग ही हमारी सच्ची पूंजी और ताकत : मुख्यमंत्री

किसानों का परिश्रम और त्याग ही हमारी सच्ची पूंजी और ताकत : मुख्यमंत्री

देहरादून
किसानों का परिश्रम और सरकार की नीतियां आने वाली पीढ़ियों के लिए तैयार करेंगे स्वस्थ, समृद्ध और स्वर्णिम भविष्य का निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य के रजत जयंती उत्सव के अवसर पर पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में वृहद कृषक सम्मेलन का शुभारम्भ किया. कार्यक्रम में कृषि, उद्यान, दुग्ध, मत्स्य, सहकारिता के प्रगतिशील कृषक व लखपति दीदीयों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र भेटकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी भी उपस्थित थे. कार्यक्रम में आये सभी किसानों को उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाईयों का परिश्रम और त्याग ही हमारी सच्ची पूंजी है और उनका पसीना हमारी ताकत है. उन्होंने उत्तराखंड निर्माण के सपने को साकार करने में अपना योगदान देने वाले और ब...
प्रवासी उत्तराखंडी हैं देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर : मुख्यमंत्री

प्रवासी उत्तराखंडी हैं देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर : मुख्यमंत्री

देहरादून
  “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है राज्य - धामी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को दून विश्वविद्यालय में राज्य स्थापना के रजत रजत जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन” का शुभारंभ किया. इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदाओं में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप एक मिनट का मौन भी रखा गया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि की संस्कृति, परंपराओं और मातृभूमि के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं. प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट लोक संस्कृति, भाषा और बोली में झलकने वाली आत्मीयता हमें विश्वभर में जोड़ती है. उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी जहां भी रहते हैं, अपने साथ देवभूमि की संस्कृति और अपनी मिट्टी की सुगं...
फिल्म “फ़्योंली… पर्वत की बेटी” का मुहूर्त: पहाड़ की शिक्षा, संघर्ष और सपनों की कहानी को मिलेगी सिनेमाई अभिव्यक्ति

फिल्म “फ़्योंली… पर्वत की बेटी” का मुहूर्त: पहाड़ की शिक्षा, संघर्ष और सपनों की कहानी को मिलेगी सिनेमाई अभिव्यक्ति

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनइगास पर्व के शुभ अवसर पर देहरादून जनपद के प्रसिद्ध लेखक गांव में आज हिमालयन फ़िल्म्स के बैनर तले निर्मित होने जा रही फ़िल्म “फ़्योंली… पर्वत की बेटी” का विधिवत मुहूर्त सम्पन्न हुआ. पुस्तकालय भवन में फ़िल्माए गए प्रथम दृश्य के साथ इस परियोजना ने अपनी औपचारिक शुरुआत की. मुहूर्त कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ तथा उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी नितिन उपाध्याय ने नारियल फोड़कर और क्लैप देकर फ़िल्म का शुभारंभ किया.संघर्षों से सपनों की उड़ान- फ़िल्म की मूल भावना डॉ. निशंक ने फ़िल्म टीम को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह फ़िल्म हिमालयी समाज में शिक्षा और संघर्षों के बीच आगे बढ़ती एक बेटी की प्रेरक यात्रा को दर्शाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने क्षेत्रीय भाषाओं के साथ-साथ हिंदी...