चमोली

सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई देश के प्रहरी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई देश के प्रहरी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

चमोली
 हिमांतर ब्यूरो, चमोलीमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद चमोली के बिरही (बेडूबगड़) में नीति-माणा जनजाति कल्याण समिति, चमोली द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “जनजाति समागम 2026” के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. नीति-माणा क्षेत्र की भोटिया समुदाय की महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में मुख्यमंत्री का स्वागत किया. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं. उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से अपनी परंपराओं, लोकज्ञान और प्रकृति संरक्षण की भावना से हमारी सभ्यता को समृद्ध किया है. सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई-बहन देश के सजग प्रहरी हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय...
औली : बर्फ, रोमांच और संस्कृति का संगम

औली : बर्फ, रोमांच और संस्कृति का संगम

चमोली
  औली में सजेगा ‘स्कीइंग विंटर कार्निवल 2026’, बनेगा उत्तराखंड का शीतकालीन पहचान पत्रहिमांतर ब्यूरो, चमोलीदेवभूमि उत्तराखंड अब केवल चारधाम और ट्रैकिंग तक सीमित नहीं, बल्कि शीतकालीन पर्यटन और विंटर स्पोर्ट्स के वैश्विक नक्शे पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है. इसी कड़ी में 13 से 16 फरवरी 2026 तक चमोली जिले के विश्वविख्यात स्की स्थल औली में ‘औली स्कीइंग विंटर कार्निवल एवं राष्ट्रीय शीतकालीन खेल प्रतियोगिता/चैंपियनशिप 2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है. यह कार्निवल सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि खेल, संस्कृति, साहसिक पर्यटन और स्थानीय आजीविका का ऐसा संगम होगा, जो औली को भारत के स्थायी विंटर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है.राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं, अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव चा...
“देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” का भव्य समापन, मुख्यमंत्री धामी बोले – सीमांत गांवों में पर्यटन और आर्थिकी को मिलेगी नई दिशा

“देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” का भव्य समापन, मुख्यमंत्री धामी बोले – सीमांत गांवों में पर्यटन और आर्थिकी को मिलेगी नई दिशा

चमोली
हिमांतर ब्यूरो, माणा (चमोली)देश के प्रथम गांव माणा में आयोजित दो दिवसीय “देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” का रविवार को भव्य समापन हुआ. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस आयोजन में स्थानीय समुदायों, पर्यटकों, भारतीय सेना के जवानों और गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली. महोत्सव का आयोजन भारतीय सेना एवं उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था. मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “स्थानीय जनता, सेना और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन बेहद सफल रहा है, जिसने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है.”मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन एवं सेना द्वारा लगाए गए स्टॉलों और “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी का अवलोकन किया. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भारतीय सेना और ना...
कपूर कचरी की खेती – सुगंध से आजीविका तक

कपूर कचरी की खेती – सुगंध से आजीविका तक

खेती-बाड़ी, चमोली
कपूर कचरी की हिमालयकी एक बहुमूल्य जड़ी-बूटीजे. पी. मैठाणी हिमालय अपनी अनूठी जैव विविधता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां की वादियों में सैकड़ों औषधीय पौधे और वनस्पतियां स्वाभाविक रूप से उगती हैं। इन्हीं में से एक है – कपूर कचरी (Hedychium spicatum) जिसे स्थानीय भाषा में स्येडू या सैडू कहा जाता है और आम बोलचाल में इसे जिंजर लिली भी कहते हैं। इसका कुल नाम जिंजिबेरेसी है और यह अदरक-हल्दी की तरह कंद वाली औषधीय वनस्पति है।सांस्कृतिक महत्व चमोली जनपद के ग्रामीण अंचल में शादियों के समय होने वाले मंगल स्नान की परंपरा में कपूर कचरी और सुगंधबाला की जड़ों को हल्दी के साथ मिलाकर दूल्हा-दुल्हन के स्नान में प्रयोग किया जाता है। इसकी विशिष्ट सुगंध और औषधीय गुण इसे पर्वतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाते हैं।पीपलकोटी में सफल प्रयोग पीपलकोटी (चमोली) में लगभग 1300 मीटर की ऊंचाई पर ‘आगाज़’ स...
मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण से दिया ”हर घर योग, हर जन निरोग” का संदेश

मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण से दिया ”हर घर योग, हर जन निरोग” का संदेश

चमोली
गैरसैंण की धरती से मुख्यमंत्री का उदघोष : उत्तराखंड को बनाएंगे योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को भराड़ीसैंण, गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण एवं 8 देशों के डेलिगेट्स के साथ योग किया. योग कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योग नीति पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करते हुए राज्य में योग नीति का औपचारिक शुभारंभ भी किया. उन्होंने "एक वृक्ष, योग के नाम" कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा परिसर में सेब का पौधा भी लगाया.इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ...
मुख्यमंत्री ने विदेशों से आए डेलिगेट्स के बीच बताई उत्तराखंड की विशेषताएं

मुख्यमंत्री ने विदेशों से आए डेलिगेट्स के बीच बताई उत्तराखंड की विशेषताएं

चमोली
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेशी मेहमानों का भराड़ीसैंण, में किया स्वागत प्रधानमंत्री का आयुष और वेलनेस सेक्टर के प्रति विशेष दृष्टिकोण उत्तराखण्ड को योग के वैश्विक केंन्द्र के रूप में उभरने का किया जा रहा है कार्यमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भराड़ीसैंण, गैरसैंण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सभी विदेशी राजनयिकों और सुप्रसिद्ध योगाचार्य का स्वागत किया. उन्होंने इस दौरान सभी को प्रतीक चिन्ह और उत्तराखंडी टोपी देकर सम्मानित भी किया. सीएम धामी ने मेक्सिको, फिजी, नेपाल, सूरीनाम, मंगोलिया, लातविया, श्रीलंका और रूस के उपस्थित राजदूत व अन्य उच्चधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड योग और आयुष की वैश्विक राजधानी है. प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी के नेतृत्व और आग्रह पर पूरी दुनिया में अंतर्राष...
पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका का एक बड़ा स्रोत है रिंगाल!

पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका का एक बड़ा स्रोत है रिंगाल!

चमोली
उर्गमघाटी : उत्तराखंड  के पर्वतीय क्षेत्रों में रिंगाल ( हिमालयी बांस- अरूंडीनेशिया फल्काटा)   आजीविका का एक बहुत बड़ा स्रोत है. रिंगाल लगभग 10वीं शताब्दी से पहाड़ के समाज को कृषि के योग्य बर्तन जैसे- सुप्पा, कंडा, चंगेरा, सोल्टा, तेथला और अनाज और बीज रखने के लिए क्वोन्ना आदि बनाने में प्रयोग किया जाता रहा है. वर्तमान में जनपद चमोली में कई स्थानों पर रिंगाल हश्तशिल्प  का निर्माण और उन पर आधारित स्वरोजगार संचालित होते हैं. उत्तराखंड बांस एवं रेशा विकास परिषद् और आगाज संस्था द्वारा वर्ष 2005 से जनपद चमोली में रिंगाल हश्तशिल्प  के कई शिक्षण प्रशिक्षण के कार्य किये गए. कालांतर में अलकनंदा स्वायत्त सहकारिता पीपलकोटी, हिमालय स्वायत्त सहकारिता पीपलकोटी ने रिंगाल हस्तशिल्प के अतिरिक्त प्राकृतिक रेशा- भांग और कंडाली के उत्पादों, के साथ-साथ, पूजा पाठ के मुखोटों के निर्माण के कार्यों को आगे बढाया....
भारतीय सेना को भेड़, बकरी एवं पोल्ट्री उत्पाद उपलब्ध कराएंगे स्थानीय किसान

भारतीय सेना को भेड़, बकरी एवं पोल्ट्री उत्पाद उपलब्ध कराएंगे स्थानीय किसान

चमोली
पहले चरण में अग्रिम चौकी माणा एवं मलारी के लिए रवाना की गई पोल्ट्री उत्पादों की खेप उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रदेश के काश्तकारों एक किसानों की आजीविक सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों में एक और उपलब्धि जुड़ गई है. भारतीय सेना अब पशुपालन विभाग के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय किसानों से पोल्ट्री उत्पादों की खरीद करेगी. सोमवार को जनपद चमोली में भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों माणा एवं मलारी के लिए आपूर्ति की पहली खेप रवाना की गई. सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी  डॉ अभिषेक त्रिपाठी ने झंडी दिखाकर आपूर्ति वाहनो को रवाना किया.पशुपालन विभाग की इस पहल के तहत उत्तराखण्ड में सेना की अग्रिम चौकियों पर स्थानीय स्तर पर उत्पादित भेड़, बकरी एवं पोल्ट्री उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. पहले चरण में पोल्ट्री उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है. जोशीमठ से रवाना की गई प्रथम खेप में भारतीय...
कैबिनेट ने गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब 12.4 किमी रोपवे परियोजना के विकास को दी मंजूरी

कैबिनेट ने गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब 12.4 किमी रोपवे परियोजना के विकास को दी मंजूरी

चमोली
चमोली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब 12.4 किलोमीटर रोपवे परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मोड़ पर विकसित किया जाएगा. जिसकी कुल पूंजीगत लागत 2,730.13 करोड़ रुपये होगी.वर्तमान में हेमकुंड साहिब की यात्रा गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई चढ़कर पूरी की जाती है और इसे पैदल यात्रा, पालकी द्वारा पूरा किया जाता है, प्रस्तावित रोपवे की योजना हेमकुंड साहिब के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों और फूलों की घाटी में आने वाले पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई है. यह प्रतिदिन 11,000 यात्रियों को ले जाएगा, रोपवे परियोजना निर्माण और परिचालन के दौरान और साथ ही पूरे वर्ष आतिथ्य, यात्रा, खाद्य और पेय और पर्यटन उद्योगों म...
पीपलकोटी, चमोली में पहली बार इंग माखिर अदरक के परीक्षण शुरू

पीपलकोटी, चमोली में पहली बार इंग माखिर अदरक के परीक्षण शुरू

चमोली
अदरक की ये बेहद प्रभावी, गुणकारी और आयुर्वेद में बहु उपयोगी प्रजाति है, जो देश के अन्य हिस्सों में नहीं पायी जाती!जे पी मैठाणी सभी फोटो - जयदीप किशोर इंग माखिर अदरक के विशिष्ट गुणों और भविष्य की मांग को देखते हुए - सामाजिक संस्था - आगाज फैडरेशन के वैज्ञानिकों द्वारा इसका पहला परीक्षण पहली बार बायो टूरिज्म पार्क पीपलकोटी की नर्सरी में किया जा रहा है. संस्था के समन्वयक जयदीप किशोर ने बताया कि, अभी पहले परीक्षण के रूप में फ़ार्म फूटहोल्ड कंपनी - दीमापुर नागालैंड से अग्रणी किसान श्री रुवेल द्वारा उनको इंग माखिर अदरक के राइजोम भेजे गए हैं  और भविष्य में इस अदरक के परिणामों को देखते हुए चमोली में शीघ्र ही अदरक की इस प्रजाति की खेती शुरू की जायेगी. उन्होंने बताया कि संस्था के पदाधिकारियों द्वारा-  दुनिया की सबसे बेस्ट हल्दी - लैकडाँग हल्दी के अलावा काली हल्दी के राइजोम भी मेघालय की जैंति...