September 23, 2020
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लोक पर्व/त्योहार

“इजा मैंले नौणि निकाई, निखाई”

घृत संक्रान्ति 16 अगस्त पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी ‘घृत संक्रान्ति’ के अवसर पर समस्त देशवासियों और खास तौर से उत्तराखण्ड वासियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि कृषिमूलक हरित क्रान्ति से पलायन करके आधुनिक औद्योगिक क्रान्ति के लिए की गई दौड़ ने हमें इस योग्य तो बना दिया है कि हम पहाड़ों […]
रंगमंच

उत्तराखंड में भारत रंग महोत्सव

रंगमंच महाबीर रवांल्टा उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में संस्कृति विभाग एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 21वां भारत रंग महोत्सव 6 फरवरी से 12 फरवरी 2020 तक हुआ. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा भारत रंग महोत्सव देश के चार शहरों में पांडिचेरी, नागपुर, शिलांग व देहरादून में आयोजित किए गए जिनमें देश के चयनित […]
समसामयिक

‘वन्दे मातरम्’: जन-गण-मन के आंदोलन का राष्ट्रगीत  

डॉ. मोहन चंद तिवारी देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की 74वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है. हर देश का स्वतंत्रता प्राप्ति के आंदोलन से जुड़ा एक संघर्षपूर्ण इतिहास होता है. भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का भी एक क्रांतिकारी और देशभक्ति पूर्ण इतिहास है, जिसकी जानकारी प्रत्येक भारतवासी को होनी चाहिए. हमें अपने संविधान सम्मत […]
आधी आबादी

स्‍त्री श्रम का बढ़ता अवमूल्‍यन

भावना मासीवाल  कोविड-19 महामारी का सबसे ज्यादा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ा है. इसके कारण वैश्विक स्तर पर देश की सीमाओं से लेकर व्यापार तक को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया, जिसका सीधा प्रभाव देश की आर्थिक स्थिति पर देखने को मिल रहा है. अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. […]
स्मृति शेष

‘विकट से विशिष्ट’ जीवन-यात्रा

पूर्णानन्द नौटियाल (सन् 1915 – 2001) डॉ. अरुण कुकसाल बचपन में मिले अभावों की एक खूबी है कि वे बच्चे को जीवन की हकीकत से मुलाकात कराने में संकोच या देरी नहीं करते. घनघोर आर्थिक अभावों में बीता बचपन जिंदगी-भर हर समय जीवनीय जिम्मेदारी का अहसास दिलाता रहता है. उस व्यक्ति को पारिवारिक-सामाजिक उत्तरदायित्वों के […]
शिक्षा

उच्चतर शिक्षा में देश को नयी उड़ान देने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भाग-6 आनंद सौरभ “उच्चतम शिक्षा वो है जो हमें सिर्फ जानकारी ही नहीं देती बल्कि हमारे जीवन को समस्त अस्तित्व के साथ सद्भाव में लाती है.” -गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 को मंजूरी दे दी है. देश में शिक्षा के क्षेत्र […]
संस्मरण

बुदापैश्त में गुरुदेव स्मृति

बुदापैश्त डायरी-9 डॉ. विजया सती गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर को मई माह के आरम्भ से अगस्त तक कई रूपों में याद किया गया. बुदापैश्त से मेरे मन की भी यह एक मधुर स्मृति ! बुदापैश्त में मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में सामान्यत: ऐसा मौसम नहीं होता था. किन्तु उस दिन अप्रत्याशित रूप से सुखद हल्की […]
शिक्षा

लंबे समय से हावी औपनिवेशिक स्वरूप से दिलाएगी मुक्ति : नई शिक्षा नीति-2020

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भाग-5 डॉ गीता भट्ट  मातृभाषा से शिक्षा देने के महत्व को महात्मा गांधी ने इस प्रकार व्यक्त किया है “मां के दूध के साथ जो संस्कार और मीठे शब्द मिलते हैं, उनके और पाठशाला के बीच जो मेल होना चाहिये, वह विदेशी भाषा के माध्यम से शिक्षा देने से टूट जाता है. […]
संस्मरण

करछी में अंगार

‘बाटुइ’ लगाता है पहाड़, भाग—16 रेखा उप्रेती कुछ अजीब-सा शीर्षक है न… नहीं, यह कोई मुहावरा नहीं, एक दृश्य है जो कभी-कभी स्मृतियों की संदूकची से बाहर झाँकता है… पीतल की करछी में कोयले का अंगार ले जाती रघु की ईजा… जल्दी-जल्दी कदम बढ़ाती… अपने घर की ओर जाती ढलान पर उतर रही है, बहुत […]
समाज/संस्कृति

पहाड़ और परोठी…

आशिता डोभाल पहाड़ों की संस्कृति में बर्तनों का एक अलग स्थान रहा है और ये सिर्फ हमारी संस्कृति ही नहीं हमारी धार्मिक आस्था का केंद्र भी रहे है, जिसमें हमारी सम्पन्नता के गहरे राज छुपे होते हैं. धार्मिक आस्था इसलिए कहा कि हमारे घरों में मैंने बचपन से देखा कि दूध से भरे बर्तन या […]