दशहरा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं

Pushkar Singh Dhami

 

  • हिमांतर, देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी सत्य की विजय और अधर्म के अंत का प्रतीक है। रावण के पास अपार संपत्ति, सामर्थ्य और विशाल सेना होने के बावजूद अहंकार तथा मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। वहीं भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख त्यागकर चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार किया और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।

Pushkar Singh Dhami

उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का अवसर भी है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग करने का संकल्प लेना चाहिए। भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमणमुक्त कराई

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमणमुक्त कराई गई है। सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है।

उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। समान नागरिक संहिता लागू करना समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा और प्रदेश में सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए कार्य कर रही है।

पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। सरकार युवाओं को उनकी योग्यता, परिश्रम और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।

सुशासन और जनकल्याण ही रामराज्य की मूल भावना

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे।

उन्होंने प्रदेश की आर्थिक प्रगति में निवेश, उद्यमिता, स्थानीय व्यापारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि सरकार आर्थिक विकास के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने और विकास में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, समानता, सुशासन और जनकल्याण पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विजयादशमी पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे उत्तराखंड का निर्माण संभव है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय, युवाओं को अवसर, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ मिले।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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