
शिक्षक से पत्रकारिता तक के सफर में समता ने दी दिशा, नीरज बोले- अपनी माटी में सम्मान मिलना भावुक क्षण
- हिमांतर ब्यूरो, विकासनगर
शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अपने योगदान के लिए पत्रकार नीरज उत्तराखंडी को स्वैच्छिक संस्था ‘समता’ के 40वें स्थापना दिवस समारोह में ‘शिक्षक सारथी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
सम्मान ग्रहण करने के बाद नीरज उत्तराखंडी ने समता परिवार के प्रति आभार जताते हुए संस्था के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने बताया कि नब्बे के दशक में उन्होंने करीब 12 वर्षों तक चकराता और पुरोला विधानसभा क्षेत्रों के सुदूरवर्ती गांवों में शिक्षा के क्षेत्र में काम किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक के रूप में शुरू हुआ उनका सफर आगे चलकर पत्रकारिता तक पहुंचा और इस पूरी यात्रा में समता से मिले अनुभव और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था ने न केवल उन्हें सामाजिक सरोकारों को समझने का अवसर दिया, बल्कि आगे के सामाजिक और पत्रकारिता जीवन को भी दिशा दी।

नीरज उत्तराखंडी ने कहा, “अपनी माटी में, अपनों के बीच क्षेत्र के विधायक प्रीतम सिंह के हाथों सम्मानित होना मेरे लिए विशेष खुशी और भावनात्मक क्षण है।”
इस मौके पर उन्होंने अपने जीवन-सफर को कुछ पंक्तियों में बयां किया—
“न स्वयं को उछाला,
न किसी को गिराया,
कटा सफर जिंदगी का
मगर धीरे-धीरे।
लोग जहां पहुंचे छलांग लगाकर,
हम भी वहां पहुंचे
मगर धीरे-धीरे।”
समारोह में संस्था से जुड़े पूर्व शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान समता की चार दशक की यात्रा, शिक्षा के क्षेत्र में उसके योगदान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों पर चर्चा हुई।
