
बेटियां जब ठान लें तो झुकता है आसमान: ‘मशरूम गर्ल’ दीपिका कैंतुरा की प्रेरक कहानी
नवदुर्गा विशेष | श्रृंखला – 3पहाड़ की मिट्टी से जुड़कर स्वरोजगार की नई इबारत लिख रही हैं उत्तरकाशी की दीपिका कैंतुरा। गांव के खाली और अंधेरे कमरों से शुरू हुआ मशरूम उत्पादन आज एक बड़े उद्यम का रूप ले चुका है। अपनी मेहनत, संकल्प और परिवार के सहयोग से दीपिका ने साबित किया है कि पहाड़ की बेटियां केवल सपने देखती ही नहीं, उन्हें साकार करना भी जानती हैं।
पढ़ाई में सामान्य, कक्षा में अक्सर डरी-सहमी रहने वाली, लेकिन चेहरे पर हमेशा मुस्कान लिए एक लड़की ने शायद ही कभी सोचा होगा कि एक दिन उसकी पहचान पूरे क्षेत्र में ‘मशरूम गर्ल’ के रूप में होगी। विद्यालयी जीवन में खेलकूद और सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली दीपिका कैंतुरा बचपन से ही अपनी अलग पहचान बनाने का हुनर रखती थीं। पढ़ाई में भले ही वह असाधारण नहीं थीं, लेकिन उनकी सक्रियता, सहज स्वभाव और कुछ नया करने की ललक ने उन्हे...
