Tag: नीलकंठ

हिमालय का ‘योद्धा’ 84 की उम्र में भी मैदान में: एसपी चमोली के छह दशक के साहस को सलाम!

हिमालय का ‘योद्धा’ 84 की उम्र में भी मैदान में: एसपी चमोली के छह दशक के साहस को सलाम!

टिहरी गढ़वाल
  5,000 KM का हिमालयी सफर, 106 दर्रे, नीलकंठ-सासेर कांगड़ी की चोटियां और ब्रह्मपुत्र की प्रचंड धाराएं—एसपी चमोली को टेंज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार की ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ श्रेणी के लिए चुना गया  विजेन्द्र रावत, वरिष्ठ पत्रकारमसूरी। 265 दिन। 5,000 किलोमीटर से अधिक का सफर। हिमालय के 106 दुर्गम दर्रे। एक तरफ कंचनजंगा, दूसरी तरफ काराकोरम। रास्ते में बर्फ, खतरनाक ढलानें और प्रकृति की ऐसी चुनौतियां, जहां एक गलत कदम जिंदगी पर भारी पड़ सकता था। यह किसी फिल्म की पटकथा नहीं थी। वर्ष 1981 में शिव प्रसाद चमोली (एसपी चमोली) के नेतृत्व में निकले संयुक्त भारत–न्यूजीलैंड हिमालयन ट्रैवर्स अभियान की यह वास्तविक कहानी थी। महान पर्वतारोही सर एडमंड हिलेरी के संरक्षण में हुए इस अभियान ने चमोली का नाम भारतीय साहसिक इतिहास में दर्ज कर दिया। लेकिन यह उनकी कहानी का केवल एक अध्याय था। ...
देश के सुदूर स्थानों पर सेवा कर रहे 18 समाजसेवियों/संस्थाओं को दिया गया संत ईश्वर सम्मान

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तिरंगा बनाकर सभी ने मनाया आजादी का अमृत महोत्सव एवं सेवा परमोधर्म पुस्तक का विमोचनहिमांतर वेब डेस्क, नई दिल्लीसंत ईश्वर फाउंडेशन एवं राष्ट्रीय सेवा भारती के सहयोग से  राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में देश के प.पू. स्वामी अवधेशानंद गिरि जी, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितेंद्र सिंह जी एवं श्रीमती मीनाक्षी लेखी जी के सान्निध्य में संत ईश्वर सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। संत ईश्वर की महासचिव सुश्री वृंदा ने संत ईश्वर सम्मान का परिचय देते हुए बताया कि संत ईश्वर फाउंडेशन की स्थापना 9 वर्ष पूर्व हुई थी और 7 वर्ष पूर्व पहली बार संत ईश्वर सम्मान देना प्रारंभ हुआ था। यह सम्मान व्यक्तिगत एवं संस्थागत रूप में मुख्यतः चार  क्षेत्र- जनजातीय , ग्रामीण विकास, महिला-बाल विकास  एंव विशेष योगदान (कला, साहित्य, पर्यावरण,स्वास्थ्य और शिक्षा) में तीन श्रेणियों 1 विशेष सेवा सम्मान, 4 विशिष्ट सेवा सम्मान...