Tag: कौशल विकास

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजुली बत्रा को “विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान 2026”, संस्कृति और शिक्षा में योगदान की सराहना

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजुली बत्रा को “विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान 2026”, संस्कृति और शिक्षा में योगदान की सराहना

उत्तरकाशी
 नीरजउत्तराखंडी, पुरोला/उत्तरकाशीउत्तरकाशी जनपद के पुरोला क्षेत्र की लोक गायिका, कवयित्री और मैक्रम डिजाइन प्रशिक्षिका राजुली बत्रा आज क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें “विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लंबे संघर्ष, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक संरक्षण के कार्यों की महत्वपूर्ण पहचान है। मटियानी (दुडोनी) में जन्मी और मंजियाली (नौगांव) में ससुराल होने के बावजूद राजुली बत्रा ने अपने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।बचपन से ही संस्कृति के संरक्षण का संकल्प राजुली बत्रा ने वर्ष 2001 में मटियाली छानी में छोटे-छोटे बच्चों के साथ मिलकर रामलीला का आयोजन शुरू करवाया। इस राम...
राष्ट्रीय नवोन्मेष और विकसित भारत की संकल्पना

राष्ट्रीय नवोन्मेष और विकसित भारत की संकल्पना

साहित्‍य-संस्कृति
  नव वर्ष (1 जनवरी 2026) पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र शिक्षाविद् एवं पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा   पिछले एक दशक में भारत की छवि निश्चित रूप से एक सशक्त देश के रूप में निखरी है. नए वर्ष में इस बदलते भारत के भविष्य के बारे में सोचते हुए हमें देश की समृद्ध प्राचीन सभ्यता और आधुनिक राष्ट्र राज्य की संकल्पना दोनों को ध्यान में रखना होगा. लोक की स्मृति में अभी भी नैतिक और न्यायपूर्ण शासन के लिए राम-राज्य की अमिट छवि क़ायम है. न केवल 1950 में लागू भारत के संविधान की मूल प्रति में मौलिक अधिकारों वाले अध्याय के आरंभ में राम का चित्र अंकित किया गया था बल्कि 2025 में अक्टूबर तक 22 करोड़ लोग अयोध्या में राम लला के दर्शन कर चुके हैं. साल के अंत तक यह संख्या 50 करोड़ हो सकती है. इसलिए जहाँ वैश्वीकरण के अनुकूल आकांक्षाओं को ध्यान में रखना होगा वहीं नैति...