
कुटज (इंद्र जौ) की खेती: कम लागत में लाखों की आय देने वाला आयुर्वेदिक खजाना
जे. पी. मैठाणी
आज हम आपको आयुर्वेद की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण पौधे कुटज के बारे में जानकारी दे रहे हैं ...
कुटज को आम बोल चाल की भाषा में इंद्र जौ या कूड़ा भी कहते हैं. देहरादून में रायपुर थानों रोड से सड़क के किनारे इसके पेड़ दिखने शुरू हो जात एहेन और आजकल इन पेड़ों पर गुच्छों में सफ़ेद फूल खिले हुए हैं . भारत में इस पेड़ को कुछ स्थानों पर दूधि भी कहते हैं .कुटज के पौधे भी दो प्रकार के होते हैं एक मीठा कुटज और एक कडुवा कुटज - दोनों के वानस्पतिक नाम अलग अलग है , जैसे - मीठा इंद्र जौ- Wrightia tinctoria और कडुवा इंद्र जौ- Holorrhena dysentrica.
मीठा इंद्र जौ के पौधे बहुत कम पाए जाते हैं यहां तक की देहरादून और इसके आस पास इसके बहुत कम पौधे हैं,जबकि रानीपोखरी से नटराज चौक ऋषिकेश के बीच सात मोड़ और लच्छीवाला के जंगलों में इंद्र जौ के काफी सारे पेड़ आपको आसानी से दिख जायेंगे. कुटज भ...
