Tag: पलायन आयोग

उत्तराखंड में ठोस भूमि कानून की जरूरत

उत्तराखंड में ठोस भूमि कानून की जरूरत

उत्तराखंड हलचल
पलायन ‘व्यक्तिजनित’ नहीं ‘नीतिजनित’ है भाग-2 चारु तिवारी  कोरोना के चलते पहाड़ वापस आ रहे कामगारों को यहीं रोजगार देने के लिये सरकार ने प्रयास करने की बात कही है. पहाड़ से पेट के लिये लगातार हो रहे पलायन को रोकने की नीति तो राज्य बनने से पहले या अब राज्यत् बनने के शुरुआती दौर से ही बन जानी चाहिये थी. जब सरकार ने ऐसी मंशा व्यक्त की तो आज तक के अनुभवों को देखते हुये मैंने एक सिरीज शुरू की थी- ‘पलायन ‘व्यक्तिजनित’ नहीं ‘नीतिजनित’ है. इसकी पहली कड़ी में राज्य में मौजूदा कृषि भूमि की स्थिति को रखा. आज दूसरी कड़ी लिखने बैठा तो प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत जी का टीवी चैनल में साक्षात्कार देखा. उसमें उन्होंने वही घिसी-पिटी बातें कहीं, जिनके चलते लोगों को सरकार की नीतियों से विश्वास उठता रहा है. मुख्यमंत्री ने अपने साक्षात्कार में 2018 में अपनी उसी विवादास्पद ‘इंवेस्टर्स समिट’ का ...
पलायन  ‘व्यक्तिजनित’ नहीं ‘नीतिजनित’ है

पलायन  ‘व्यक्तिजनित’ नहीं ‘नीतिजनित’ है

उत्तराखंड हलचल
भाग-एक पहले कृषि भूमि तो बचाइये! चारु तिवारी  विश्वव्यापी कोरोना संकट के चलते पूरे देश में लॉक डाउन है. अभी इसे सामान्य होने में  समय लगेगा. इसके चलते सामान्य जन जीवन प्रभावित हुआ है. देश में नागरिकों  का एक बड़ा तबका है जो अपनी रोटी रोजगार के लिए देश के महानगरों या देश से बाहर रह रहा है. उसके सामने अब अपने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है. स्वाभाविक रूप से उसका सबसे सुरक्षित ठिकाना अपना गांव-घर ही है. यही कारण है बड़ी संख्या में  शहरों से लोग अपने-अपने गांव जा रहे हैं. उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है, जहां  से पिछले तीन-चार दशकों  से पलायन तेज हुआ है. राज्य बनने के दो दशक बाद तो यह रुकने की बजाय बढ़ा है. कोरोना के चलते बड़ी संख्या में लोग पहाड़ लौटे हैं. लोगों  को लगता है कि इसी बहाने लोग गांव में  रहने का मन बनायेंगे. सरकार भी इसे एक अवसर मान रही है. उत्तराखंड ग्राम विकास  एवं पलायन आ...