October 22, 2020
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पुस्तक समीक्षा

कुछ अच्छी बातें सिर्फ गरीबी में ही विकसित होती हैं…

डॉ. अरुण कुकसाल ‘बाबा जी (पिताजी) की आंखों में आंसू भर आये थे. मैंने नियुक्ति पत्र उनके हाथौं में दिया तो उन्होंने मुझे गले लगा लिया. वह बहुत कुछ कहना चाह रहे थे लेकिन कुछ भी बोल नहीं पा रहे थे. सिर्फ़ मेरे सिर पर हाथ फेरते रहे… मैं उसी विभाग में प्रवक्ता बन गया […]