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August 1, 2020 by Himantar

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Posted in साहित्यिक-हलचल
Prevक्या हुआ इन पहाड़ो को
Nextसंकट में है आज विश्वमैत्री का प्रतीक हिमालय पुष्प ‘ब्रह्मकमल’

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हिमालयी विविधता पूर्ण समाज और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता हैं, देश में उत्तर से लेकर पश्चिम तक का हिमालयी समाज अपने-आप में बहुत बड़ी जनसख्यां का निर्धारण करता हैं, साथ ही देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने का जिम्मा जिस समाज को है उसमें प्रमुख रूप से हिमालय में निवास करने वाला ही समाज है जो सदियों से देश की सीमाओं का सजग प्रहरी की भांति कार्य कर रहा हैं।

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