
- हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्ली
विकसित भारत-2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में पीजीडीएवी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने ‘लक्ष्य 2047’ शीर्षक से एक दिवसीय यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया. इस अवसर पर कॉलेज परिसर में ‘हुनर बाजार’ का आयोजन भी किया गया, जिसके तहत दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई. प्रदर्शनी में हस्तशिल्प से लेकर विविध प्रकार के क्राफ्ट उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे. इसके अलावा, छोटे व्यवसायियों और स्टार्टअप से जुड़े उद्यमियों ने भी अपने-अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए.

विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका और दृष्टिकोण को समझने के उद्देश्य से ‘नीति-2047’, ‘भारत दर्शन’ और ‘युवा वाणी’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए.
‘नीति-2047’ के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के लगभग 20 कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया. प्रतिभागियों ने भारत के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने-अपने राज्यों के समग्र विकास पर विचार प्रस्तुत किए.

‘भारत दर्शन’ के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा पाँच मिनट की लघु डॉक्यूमेंट्री तैयार की गईं, जिनमें से चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया. वहीं ‘युवा वाणी’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विकसित भारत के विभिन्न आयामों पर अपने विचार रखे.
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दरविंदर कुमार, साउथ ईस्ट दिल्ली के जिलाधिकारी डॉ. श्रवण बगारिया तथा साउथ दिल्ली की जिला युवा अधिकारी नीलू थडानी द्वारा किया गया.

वक्ताओं ने विकसित भारत-2047 के संदर्भ में आर्थिक विकास, समावेशी वृद्धि, नवीकरणीय ऊर्जा, तकनीक एवं नवाचार, तथा युवा शक्ति के प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए.
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. गीतू निझावन ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए वर्षभर ‘विकसित भारत क्लब’ द्वारा किए गए विभिन्न आयोजनों की जानकारी दी. उन्होंने यह भी बताया कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.

कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ. इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षकों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही.
