
- नीरज उत्तराखंडी, मोरी (उत्तरकाशी)
विकासखण्ड मोरी के सला गांव के जंगलों में शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस प्राकृतिक आपदा में एक दर्जन से अधिक भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जिससे स्थानीय पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने लगी। उसी दौरान ग्राम कासला के पशुपालक—चैन सिंह (पुत्र जोत सिंह), संदीप (पुत्र चैन सिंह), नारायण सिंह (पुत्र चैन सिंह) और विक्रम सिंह (पुत्र जोत सिंह)—की भेड़-बकरियां सला गांव के जंगलों में चर रही थीं। अचानक गिरी बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही एक दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि इन दिनों कासला गांव के पशुपालक अपने मवेशियों को चरान-चुगान के लिए मोरी क्षेत्र के सला गांव के जंगलों में ले जाते हैं, जहां वे लगभग दो माह तक डेरा डालकर रहते हैं। इसी दौरान यह हादसा हो गया, जिससे पशुपालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
घटना के बाद प्रभावित पशुपालकों में गहरा दुख और आक्रोश है। उनका कहना है कि भेड़-बकरी पालन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, और इस तरह अचानक हुए नुकसान से वे आर्थिक रूप से कमजोर हो गए हैं।
पशुपालकों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी शासन-प्रशासन से आपदा राहत के तहत शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।
