
- नीरज उत्तराखंडी, पुरोला
विकासखंड मोरी के सुदूरवर्ती ग्राम डाटमीर ने नशामुक्त समाज की दिशा में एक अनुकरणीय पहल करते हुए ग्रामसभा की आम बैठक में गांव को पूर्णतः नशामुक्त घोषित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है। ग्रामसभा ने शराब, अफीम, स्मैक, चरस, गांजा, नशीली गोलियों सहित सभी प्रकार के मादक पदार्थों के सेवन, खरीद-बिक्री एवं सार्वजनिक रूप से नशे से जुड़ी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
सोमेश्वर महादेव चौक पर आयोजित ग्रामसभा की बैठक में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने एकमत होकर संकल्प लिया कि गांव में किसी भी प्रकार के नशे को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर ताश खेलने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया।
ग्रामसभा ने यह भी तय किया कि नशे की हालत में सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैलाना, झगड़ा करना अथवा अभद्र व्यवहार करना पूरी तरह वर्जित होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्रशासन एवं पुलिस को भी सूचना दी जाएगी।
बैठक में ग्रामवासियों ने “हमारी मुहिम सिर्फ नशे के खिलाफ” तथा “नशा छोड़ें, परिवार जोड़ें” अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया। ग्रामसभा का मानना है कि सामाजिक जागरूकता और सामूहिक भागीदारी से ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
इस अवसर पर राजपाल रावत ने कहा कि नशामुक्त समाज ही स्वस्थ युवा, सुरक्षित परिवार और समृद्ध गांव की आधारशिला है। उन्होंने ग्रामवासियों के सामूहिक निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों के सम्मान, सामाजिक एकजुटता और जनसहभागिता के साथ शुरू हुआ डाटमीर का यह अभियान पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत साबित होगा।
बैठक में पूर्व प्रधान ठाकुर सिंह, बरु सिंह, शीशपाल रावत (सियाणा), राजिनंद, राय सिंह, हरि सिंह प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामवासियों ने विश्वास व्यक्त किया कि ग्रामसभा के इस निर्णय से न केवल गांव में नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगेगा, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलेगी और सामाजिक सौहार्द भी मजबूत होगा।
