भद्रासू की बेटी महक चौहान का भारतीय सीनियर महिला रग्बी टीम में चयन, ताशकंद में करेंगी देश का प्रतिनिधित्व

Mahak Chauhan Mori Uttarkashi

 

  • नीरज उत्तराखंडी | मोरी, उत्तरकाशी

मोरी विकासखंड के सुदूरवर्ती भद्रासू गांव की प्रतिभाशाली खिलाड़ी महक चौहान का चयन भारतीय सीनियर महिला रग्बी टीम में हुआ है। महक आगामी 16 और 17 मई को ताशकंद, उज़्बेकिस्तान में आयोजित होने वाली सेंट्रल एंड साउथ एशिया सेवन-ए-साइड रग्बी चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है।

ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने महक की सफलता को उत्तराखंड, विशेष रूप से उत्तरकाशी जनपद के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है। सीमित संसाधनों के बावजूद एक दूरस्थ गांव की बेटी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना क्षेत्र की बेटियों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।

महक के पिता अरवेंद्र चौहान ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही खेलों के प्रति समर्पित रही है। विद्यालयी शिक्षा के दौरान वह एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती थीं, जिसके आधार पर उनका चयन महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में हुआ। वर्ष 2023 में रुड़की में आयोजित प्रतियोगिताओं के दौरान रग्बी से जुड़े प्रशिक्षकों की नजर महक की प्रतिभा पर पड़ी। तभी से उन्होंने इस खेल में अपना भविष्य बनाना शुरू किया।

महक इससे पहले भारतीय अंडर-18 और अंडर-20 महिला रग्बी टीमों का हिस्सा रह चुकी हैं। अंडर-20 वर्ग में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाया था। इसके बाद से वह लगातार कठोर प्रशिक्षण और अनुशासित अभ्यास के माध्यम से सीनियर टीम में स्थान बनाने के लिए प्रयासरत थीं। उनकी मेहनत अब रंग लाई है और उन्हें भारतीय सीनियर टीम की जर्सी पहनने का अवसर मिला है।

महक की माता कला चौहान गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी इस उपलब्धि का श्रेय उनके समर्पण, अनुशासन और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।

अरवेंद्र चौहान ने इस सफलता के लिए उत्तराखंड रग्बी एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष आयुष सैनी, सचिव यशवंत सिंह, अध्यक्ष सूर्यकांत सैनी तथा फिटनेस ट्रेनर आकाश सिंह का विशेष आभार व्यक्त किया।

महक चौहान की यह उपलब्धि न केवल उत्तरकाशी बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। पहाड़ की इस बेटी ने साबित कर दिया है कि यदि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो दूरस्थ गांवों से भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है। अब पूरे जनपद की निगाहें ताशकंद में होने वाली प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां महक भारत के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नई सफलता की कहानी लिखने को तैयार हैं।

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