देहरादून में डेयरी सेक्टर को डिजिटल बूस्ट: ERP सिस्टम लॉन्च, ‘आंचल’ ब्रांड को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार

Anchal Milk Uttarakhand

 

  • हिमांतर ब्यूरो, देहरादून

उत्तराखंड के डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया गया. आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में आयोजित कार्यक्रम में पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध विकास, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उत्तराखंड कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) और प्रदेश के विभिन्न दुग्ध संघों में ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) प्रणाली का शुभारंभ किया.

इस अवसर पर यूसीडीएफ और टाटा कंज्यूमर्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच बद्री गाय घी और पहाड़ी घी के विपणन को लेकर एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए. इस समझौते से राज्य के ‘आंचल’ ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है.

मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि ईआरपी प्रणाली लागू होने से दुग्ध उपार्जन, प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी. इससे दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान, गुणवत्ता में सुधार और तकनीकी सेवाओं का लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि अगले छह माह के भीतर सभी दुग्ध संघों में यह प्रणाली लागू कर दी जाएगी.

उन्होंने टाटा कंज्यूमर्स के साथ हुए समझौते को डेयरी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे ‘आंचल’ ब्रांड की बाजार पहुंच बढ़ेगी और किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा.

कार्यक्रम में विभागीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में औसत दैनिक दुग्ध उपार्जन 2.37 लाख लीटर रहा, जबकि अधिकतम 2.97 लाख लीटर प्रतिदिन दर्ज किया गया. आगामी वर्ष के लिए 3.25 लाख लीटर प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. साथ ही, दुग्ध मूल्य का भुगतान अधिकतम 14 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने और दुग्ध संघों को अपने लाभ का कम से कम 20 प्रतिशत सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए.

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले चारा एफपीओ को सम्मानित किया गया. वहीं, दुग्ध संघ नैनीताल की तीन प्रगतिशील महिला दुग्ध उत्पादकों को क्रमशः 25 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये के पुरस्कार प्रदान किए गए. हरिद्वार और उत्तरकाशी दुग्ध संघों को भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया.

इस अवसर पर पांच नए बद्री गाय ग्रोथ सेंटर स्थापित करने और ऊधमसिंह नगर के सितारगंज में दुग्ध चूर्ण एवं आइसक्रीम संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की गई. साथ ही आइसक्रीम ई-पुश कार्ट का भी लोकार्पण किया गया.

कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री खजान दास सहित कई अधिकारी और दुग्ध संघों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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