उत्तरकाशी: जट्टा–कोटियालगांव में SHGs री-पैकेजिंग यूनिट और नौगांव में युवा हिमालय आउटलेट का उद्घाटन, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा

Yuva Himalaya outlet Naugaon

 

  • आशिता डोभाल, नौगांव उत्तरकाशी

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक उद्यमिता को नई गति देते हुए युवा हिमालय द्वारा दो महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गईं। जट्टा–कोटियालगांव में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की री-पैकेजिंग यूनिट तथा नौगांव बाज़ार में युवा हिमालय के नए रिटेल आउटलेट का विधिवत उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रुचि भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा, उत्तराखंड रहीं। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री डॉ. हिमानी वैष्णव डिमरी, प्रदेश मंत्री डॉ. नेहा शर्मा, प्रदेश मीडिया संयोजक डॉ. दिव्या नेगी, प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल, प्रदेश कार्यालय प्रभारी शकुंतला देवलाल, प्रदेश कार्यालय सह-प्रभारी बबली चौहान, गढ़वाल संयोजक रेखा डंगवाल, अमिता परमार (मंडल अध्यक्ष, नौगांव), चंडी प्रसाद बेलवाल (प्रदेश मंत्री, ओबीसी मोर्चा – भाजपा), गोलू डोभाल (अध्यक्ष, किसान संघ उत्तरकाशी) सहित व्यापार मंडल नौगांव के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्य अतिथि एवं अन्य पदाधिकारियों ने युवा हिमालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय प्राकृतिक एवं मानव संसाधनों को विकास की संपत्तियों में रूपांतरित करने के साथ-साथ भूमि, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को भी प्राथमिकता देती है।

इस अवसर पर युवा हिमालय के संस्थापक योगेश ने बताया कि संगठन की मूल सोच स्थानीय उत्पादों में मूल्य संवर्धन करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर ही रोजगार और उद्यमिता के अवसर सृजित करने की रही है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स और लागत जैसी चुनौतियाँ अवश्य हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कच्चे माल की उपलब्धता और 24 घंटे के भीतर प्रोसेसिंग की क्षमता संगठन को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करती है। आज का उपभोक्ता बाज़ार शुद्धता और ट्रेसेबिलिटी को प्राथमिकता देता है, और युवा हिमालय इसी दिशा में कार्य कर रहा है।

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कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि युवा हिमालय एक अम्ब्रेला-आधारित मॉडल पर कार्य कर रहा है, जिसके अंतर्गत SHGs, CBOs और स्थानीय उद्यमी अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखते हुए बाज़ार से जुड़ रहे हैं। जट्टा–कोटियालगांव की री-पैकेजिंग यूनिट और नौगांव का नया आउटलेट इसी मॉडल का हिस्सा हैं, जो स्थानीय उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाने और पहाड़ी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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