
कृषि विभाग के सहयोग से विकास खण्ड नौगांव में संचालित 3K आउटलेट केंद्र का
मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने निरीक्षण किया
- हिमांतर ब्यूरो, नौगांव
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कृषक उत्पादन संगठन (FPO) द्वारा संचालित कृषि गतिविधियों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के निर्देश मुख्य कृषि अधिकारी को दिए.
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग आधुनिक स्वरूप में की जाए, ताकि बाजार में उनकी मांग बढ़ाई जा सके. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आजीविका गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न संगठनों से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाए, जिससे वे अपनी आजीविका गतिविधियों का विस्तार कर सकें.

निरीक्षण के दौरान मुख्य कृषि अधिकारी एस.एस. वर्मा ने अवगत कराया कि कृषि विभाग के अंतर्गत गठित पर्वतीय कृषि उत्पादक एफपीओ से विकास खण्ड के 300 से अधिक कृषक, साथ ही एनआरएलएम की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं जुड़ी हुई हैं. इनके द्वारा उत्पादित परंपरागत कृषि उत्पादों—जैसे लाल चावल, मिलेट्स, दालें, चुल्लू का तेल, सरसों, कोदा, झांगोरा, कोणी आदि—को बेहतर ग्रेडिंग और पैकेजिंग के साथ 3K आउटलेट केंद्र के माध्यम से विपणन किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि स्थानीय उत्पादों का विपणन राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के साथ-साथ विभिन्न पर्वों और मेलों में भी किया जा रहा है, जिससे किसानों और स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि हो रही है.
इस अवसर पर परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अजय सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी एस.एस. वर्मा, भूमि संरक्षण अधिकारी नौगांव हिमांशु उप्रेती एवं जिला थीमैटिक एक्सपर्ट (एनआरएलएम) प्रमेन्द्र राणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
