सूखा और ओलावृष्टि से तबाही: यमुना घाटी के किसानों ने प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा को सौंपा ज्ञापन

Saurabh Bahuguna

 

  • हिमांतर ब्यूरो, यमुनाघाटी/उत्तरकाशी

यमुना घाटी क्षेत्र में लंबे समय से जारी भीषण सूखे और हाल ही में हुई अचानक अति ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फसलें और बागबगीचों में लगे फलदार पेड़सेब, नाशपाती, आड़ू प्लमलगभग पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र के किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

किसानों का कहना है कि वर्षभर की मेहनत, बीज, खाद और सिंचाई पर किया गया भारी निवेश एक झटके में बर्बाद हो गया है। इस नुकसान से अन्नदाता गहरी चिंता और हताशा में डूबा हुआ है।

Saurabh Bahuguna

इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए उत्तरकाशी के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के यमुना घाटी आगमन के दौरान किसानों एवं जनप्रतिनिधियों ने उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सूखा और ओलावृष्टि से हुई भारी क्षति का उल्लेख करते हुए प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की गई। साथ ही फसलों के नुकसान का त्वरित सर्वे कर वास्तविक क्षति के आधार पर उचित एवं न्यायसंगत मुआवजा देने का अनुरोध किया गया।

मंत्री ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी करने की बात कही, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।

स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस आपदा की घड़ी में यमुना घाटी के किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और उन्हें इस संकट से उबारने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

किसान सशक्त होगा, तभी प्रदेश समृद्ध होगा।

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