
- नीरज उत्तराखंडी, आराकोट/मोरी (उत्तरकाशी)
विकासखंड मोरी अंतर्गत आराकोट बंगाण क्षेत्र के थुनारा गांव निवासी हरदयाल सिंह राणा को भीषण अग्निकांड में तीन मंजिला मकान नष्ट होने के बावजूद अब तक कोई ठोस आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है. पीड़ित ने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री से शीघ्र मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है.
पीड़ित के अनुसार 6 दिसंबर 2025 को उनके बगीचे में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया. आग की चपेट में उनका कंक्रीट से बना तीन मंजिला मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया. इस हादसे में घर में रखा अनाज, बिस्तर, सेब की खाली पेटियां और खेती के उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए.

हरदयाल सिंह राणा के अनुसार इस अग्निकांड में उन्हें लगभग 40 से 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. आग में चार बकरियां और दो खरगोश जिंदा जल गए, जबकि बगीचे में लगे करीब 40 सेब के फलदार पेड़ और 40-50 छोटे पौधे भी नष्ट हो गए.
उन्होंने बताया कि उनका परिवार वर्ष के छह माह बगीचे में और शेष समय आराकोट गांव में निवास करता है. घटना के बाद से परिवार को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. पीड़ित का आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक उन्हें कोई ठोस आर्थिक सहायता नहीं मिली है. केवल बगीचे में कार्यरत एक मजदूर को 5000 रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है.

हरदयाल सिंह राणा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा और अग्निकांड से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सरकार द्वारा मुआवजे के स्पष्ट प्रावधान हैं, इसके बावजूद उन्हें सहायता नहीं मिल पाई है. उन्होंने मुख्यमंत्री से न्यायपूर्ण मुआवजा, मकान पुनर्निर्माण हेतु आर्थिक सहायता तथा बागवानी और पशुपालन में हुए नुकसान की भरपाई की मांग करते हुए शीघ्र कार्रवाई की अपील की है.
