
- हिमांतर ब्यूरो, (नवयोग ग्राम) टनकपुर-चंपावत
नवयोग सूर्योदय सेवा समिति, केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान (आयुष मंत्रालय) तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय ‘प्राकृतिक चिकित्सा महाकुंभ’ का शुभारंभ शनिवार को मंगलाचरण के साथ हुआ। यह आयोजन 8वें प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. मुरली मनोहर पाठक, कुलपति, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने अपने उद्बोधन में कहा कि “मन ही रोगों की जड़ है। मनोबल की दृढ़ता और मानसिक संतुलन के लिए प्रकृति सर्वोत्तम औषधि है। ग्रामीण परिवेश में उपलब्ध शुद्ध प्रकृति ही वास्तविक स्वास्थ्य-साधना का आधार बनती है।”

विशिष्ट अतिथि प्रो. हरद्वारी लाल मंडोरिया, ए.पी.जे. इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर ने प्रकृति के वैज्ञानिक आयामों को रेखांकित करते हुए कहा कि “प्राकृतिक परिवेश मानव मस्तिष्क की प्रखरता, एकाग्रता और आईक्यू वृद्धि में सहायक सिद्ध होता है।”
योग गुरु नवदीप जोशी ने बताया कि तीन दिवसीय महाकुंभ में आयुष प्रणाली आधारित निःशुल्क चिकित्सा शिविर, अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, श्रीमद्भागवत गीता प्रतियोगिता, ऐप्पण कला प्रतियोगिता, भजन-संगीत स्पर्धा, तथा अन्य ज्ञान-वर्धक और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल किए गए हैं।
कार्यक्रम में प्रो. मार्कण्डेय नाथ तिवारी (छात्र कल्याण पीठ प्रमुख, श्री ल.ब.शा.रा.सं.वि.), जज खाती जी, श्री लीलाधर पांडेय, डॉ. पिंकी मालिक, और मंजरी जोशी सहित अनेक विद्वान एवं गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थिति दर्ज की।

मंच संचालन जसवंत कौर एवं सुनील तिवारी द्वारा प्रभावी रूप से किया गया। आयोजन में हजारों की संख्या में प्रकृति–प्रेमी, चिकित्सक, विद्यार्थी, शोधार्थी और स्वास्थ्य-जागरूक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
