उत्तराखंड हलचल

उत्‍तराखंड में खेल एवं युवा कल्याण के एकीकरण पर फिर होगी कसरत

देहरादून: प्रदेश मे एक बार फिर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के एकीकरण को लेकर कसरत शुरू होने जा रही है। दरअसल, चार वर्ष पूर्व दोनों विभागों के एकीकरण का निर्णय लिया गया था। शुरुआत में इन विभागों को एक साथ मिलाकर काम भी शुरू किया गया, लेकिन विरोध के चलते यह व्यवस्था बहुत दिनों तक नहीं चल पाई। इस कारण ये विभाग पूर्व की भांति अलग-अलग ही संचालित होने लगे हैं। विरोध देखकर सरकार ने भी इससे कदम पीछे खींच लिए। अब नई सरकार एक बार फिर इसकी पक्षधर है। इस दिशा में जल्द ही ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

प्रदेश में इस समय 45 से अधिक विभाग हैं। इनमें कई विभाग ऐसे हैं, जिनका केंद्र सरकार में तो मंत्रालय एक है, लेकिन उत्तराखंड में ये अलग-अलग संचालित हो रहे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्र की भांति ही यहां भी इन विभागों को एक करने का निर्णय लिया। इसकी शुरुआत खेल एवं युवा कल्याण विभाग से की गई। कहा गया कि विभागों के अलग-अलग होने से सबसे अधिक परेशानी खिलाडिय़ों को हो रही है। उन्हें प्रतियोगिताओं की तैयारी व उपकरणों के लिए विभिन्न तरह की अनुमति को दोनों ही विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस पर वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार ने इन्हें एक करने का निर्णय लिया।

बाकायदा कैबिनेट ने इसके लिए स्वीकृति दी। इस निर्णय के कुछ समय बाद शासन ने दोनों ही विभागों के अधिकारियों के बीच कार्य आवंटन भी कर दिया। इसके बाद से ही इसका विरोध शुरू हो गया। सबसे अधिक विरोध खेल संघों की ओर से हुआ। उनका कहना था कि खिलाड़ी खेल विशेष में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भारतीय खेल संस्थान पटियाला, कोलकाता, बेंगलुरु से कोचिंग डिप्लोमा प्राप्त करते हैं।

इसके बाद ही इन्हें प्रशिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रदान की जाती है।वहीं, युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की स्थापना स्वयंसेवकों और युवा एवं महिला मंगल दलों को कार्य देने के लिए की गई है। भले ही विभाग ग्राम स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है लेकिन इनके अधिकारियों को खेल के विषय में जानकारी नहीं है। ऐसे में इन अधिकारियों को खेल विभाग में लाने से खिलाडिय़ों के साथ न्याय नहीं किया जा सकता।

इन आपत्तियों पर सुनवाई ही नहीं हो पाई। इसका कारण कोराना संक्रमण रहा। अब संक्रमण कम हो चुका है। प्रदेश में नई सरकार आ चुकी है तो फिर इस दिशा में कदम उठने की उम्मीद है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि दोनों विभाग एक दूसरे के पूरक हैं। यह देखा जाएगा कि प्रदेश में क्यों इनकी एकीकरण नहीं हो पा रहा है। इसके बाद व्यवहारिकता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

Share this:

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *