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हिमाचल में बेरोजगार युवाओं को मनरेगा की तर्ज पर मिलेगा 120 दिन का रोजगार

हिमाचल में बेरोजगार युवाओं को मनरेगा की तर्ज पर मिलेगा 120 दिन का रोजगार

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में गरीबी को देखते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने घोषणा की है कि मनरेगा (MANREGA) की तरह शहरी गरीब बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार दिया जाएगा. हिमाचल सरकार मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को कानून बनाने जा रही है. इस विधेयक का ड्राफ्ट बिल सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधेयक बजट सत्र में लाया जाएगा. इस विधेयक में युवाओं को 120 दिन का रोजगार देने की बात कही गई है. यह रोजगार 15 दिन के भीतर दिया जाना अनिवार्य होगा. अगर युवाओं को रोजगार नहीं मिलता है तो सरकार की ओर से उन्हें बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था की गई है.

अभी मनरेगा के तहत दिहाड़ी 300 रुपये है, जिसे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में 50 रुपये और बढ़ाने की घोषणा की है. अप्रैल से बढ़ी हुई दिहाड़ी 350 रुपये लागू हो जाएगी. शहरी विकास विभाग की ओर से इसके नियम और शर्तें तैयार की जा रही हैं. शहरी गरीबों को रोजगार गारंटी योजना पर प्रदेश सरकार 5 करोड़ रुकी राशि व्यय करेगी.

बेरोजगार युवाओं को मिलेगा फायदा

सूबे के शहरी निकायों में अभी 6200 युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया है. इसमें से कई को रोजगार भी दिया गया है, लेकिन कानून न होने से बेरोजगार युवाओं और शहरी विकास विभाग को भी दिक्कतें आ रही थीं. शहरी विकास विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि नियम कानून बनाए जाने से युवाओं को फायदा होगा.

कोरोना के चलते बेरोजगार हो गए थे युवा

प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते हजारों युवा बेरोजगार हो गए थे. दुकानें और वर्कशाप बंद रहने से लोगों की आजीविका खत्म हो गई थी. ऐसे में सरकार ने इस योजना को लागू कर युवाओं को रोजगार देने का फैसला लिया था. अब सरकार की ओर से इसे कानून बनाया जा रहा है. सीएम जयराम ठाकुर का कहना है कि शहर के गरीब लोगों को रोजगार की गारंटी देने का बिल इसी सत्र में लाया जाएगा. मनरेगा की तर्ज पर सरकार शहरी क्षेत्रों में भी रोजगार की गारंटी देगी.

हेलीपोर्ट का हो रहा है निर्माण

विधानसभा में एक विधायक के सवाल पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि रामपुर और मंडी के अलावा शिमला, बद्दी, सासे मनाली और हमीरपुर में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है. चंडीगढ़-शिमला, शिमला-मंडी और मंडी-धर्मशाला का प्रति सवारी किराया 3728 रुपये है. कुल्लू-मंडी और शिमला-रामपुर का किराया 3209 रुपये है. अभी तक कुल 466 यात्रियों ने इन सेवाओं का लाभ लिया है.

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