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देश के भविष्य की राष्ट्र निर्माता है आज की युवा पीढ़ी- प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली, एएनआइ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय बजट 2022 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन पर एक वेबिनार को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि, 2022 के बजट में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी पांच बातों पर बहुत जोर दिया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी पांच बातों पर दिया जोर

पीएम मोदी ने कहा, पहला यूनिवर्सलाइजेशन आफ क्वालिटी एजुकेशन हमारी शिक्षा व्यवस्था का विस्तार हो, उसकी क्वालिटी सुधरे और एजुकेशन सेक्टर की क्षमता बढ़े, इसके लिए अहम निर्णय लिए गए हैं। दूसरा कौशल विकास देश में डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम बने, इंडस्ट्री की डिमांड के हिसाब से स्किल डवलपमेंट हो, और उद्योग संबंध बेहतर हो, इस पर ध्यान दिया गया है। तीसरा महत्वपूर्ण पक्ष अर्बन और डिजाइन है, जिससे भारत का जो पुरातन अनुभव और ज्ञान है, उसे हमारी आज की शिक्षा में समाहित किया जाए। वहीं, चौथा अहम पक्ष अंतर्राष्ट्रीयकरण है, जिससे भारत में वर्ल्ड क्लास विदेशी यूनिवर्सिटियां आएं। पीएम मोदी ने कहा, पांचवा महत्वपूर्ण पक्ष (AVGC) यानि एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कामिक्स है। इन सभी में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और एक बहुत बड़ा ग्लोबल मार्केट है।

देश के भविष्य की राष्ट्र निर्माता है आज की युवा पीढ़ी- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, आज की युवा पीढ़ी देश के भविष्य की कर्णधार है और भविष्य के राष्ट्र निर्माता भी हैं। आज की युवा पीढ़ी को सशक्त करने का मतलब है भारत के भविष्य को सशक्त करना है। इसी सोच के साथ 2022 के बजट में शिक्षा क्षेत्र में 5 बातों पर ज़ोर दिया गया है। पीएम ने कहा, ई-विद्या, वन क्लास वन चैनल, डिजिटल लैब्स, डिजिटल यूनिवर्सिटी ऐसा एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर युवाओं को बहुत मदद करने वाला है, ये भारत के सामाजिक-आर्थिक सेटअप में गांव, गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी, सभी को शिक्षा के बेहतर समाधान देने का प्रयास है.

शिक्षा व्यवस्था की दिशा में अभूतपूर्व कदम है नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि, नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी भारत की शिक्षा व्यवस्था में अपनी तरह का अनोखा और अभूतपूर्व कदम है। डिजिटल यूनिवर्सिटी में वो ताकत देख सकता हूं कि ये यूनिवर्सिटी हमारे देश में सीटों की समस्या को पूरी तरह से समाप्त कर सकती है। पीएम ने कहा, आज विश्व मातृभाषा दिवस भी है। मातृभाषा में शिक्षा, बच्चों के मानसिक विकास से जुड़ी है। अनेक राज्यों में स्थानीय भाषाओं में मेडिकल और टेक्निकल एजुकेशन की पढ़ाई शुरु हो चुकी है। इस वेबिनार का उद्देश्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों एवं शिक्षा और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करना है।

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