उत्तराखंड हलचल

उत्तराखंड में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की दस्तक से मचा हड़कंप

कोटद्वार क्षेत्र में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की चपेट में आने से करीब 75 पालतू सुअरों की मौत हो गई है। आमपड़ाव के पनियाली गदेरे में मृत मिले सुअरों को नगर निगम प्रशासन ने जेसीबी से गड्ढे खोदकर दबा दिया है। पशुपालन विभाग और नगर निगम ने स्वाइन फीवर से पीड़ित सुअरों को गड्ढे में दबाने की अपील सूअर पालकों से की। कहा कि खुले में फेंकने से यह बीमारी दूसरे पशुओं में भी फैल सकती है।

नगर निगम ने मुनादी कर सुअरों को अपने बाड़े में ही रखने के निर्देश दिए। नगर क्षेत्र के अंतर्गत आमपड़ाव, कौड़िया, झूलाबस्ती सहित भाबर के कई स्थानों पर पशुपालकों ने सूअर पाले हुए हैं। पिछले चार-पांच दिनों में इस संक्रामक बीमारी से क्षेत्र में 75 सुअरों की मौत की सूचना पशुपालन विभाग को मिली है।

पशु चिकित्साधिकारी डा. बीएम गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि आमपड़ाव समेत कई क्षेत्रों में हुए सर्वे में पशुपालकों ने अब तक 75 पशुओं की मौत की जानकारी दी है। आमपड़ाव के पनियाली गदेरे में मृत सूअर पड़े होने की जानकारी मिली थी। क्षेत्र का मौका मुआयना कर सुअर पालकों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सूअर पालकों से पशु के बीमार होने की तत्काल सूचना पशु चिकित्सक को देने की अपील की।

सुअरों को बाड़े में रखने के लिए निर्देश

बृहस्पतिवार को पालिका की टीम ने जेसीबी की मदद से पनियाली गदेरे में मृत सुअरों को गड्ढा खोदकर दबा दिया है। नगर आयुक्त केएस नेगी ने बताया कि मुनादी कर सूअर पालकों से अपने सुअरों को बाड़े में रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग को पत्र भेजकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने का आग्रह किया गया है। कुछ दिन पहले ऋषिकेश में भी कई सुअरों की मौत हो गई थी। इसे देखते हुए नगर निगम की टीम ने रेलवे रोड और आईडीपीएल क्षेत्र में मीट की दुकानें बंद कराई थी।

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