September 22, 2020
Home Posts tagged हुडुक
संस्मरण

जागर, आस्था और सांस्कृतिक पहचान की परंपरा

मेरे हिस्से और पहाड़ के किस्से भाग—18 प्रकाश उप्रेती आज बात बुबू (दादा) और हुडुक की. पहाड़ की आस्था जड़- चेतन दोनों में होती है . बुबू भी दोनों में विश्वास करते थे. बुबू ‘जागेरी’ (जागरी), ‘मड़-मसाण’, ‘छाव’ पूजते थे और किसान आदमी थे. उनके रहते घर में एक जोड़ी