February 26, 2021
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समाज/संस्कृति

आधुनिक ‘बुफे पद्धति’ और ‘कुक-शेफ़ों’ के बीच गायब होते ‘सरोला’

घरवात् (सहभोज) विजय कुमार डोभाल आज की युवा पीढ़ी होटल, पार्टी या पिकनिक पर जा कर सहभोज का आनन्द ले रही है क्योंकि यह पीढ़ी शहर में ही जन्मी, पली-बढ़ी, शिक्षित-दीक्षित हुई तथा शहरीकरण में ही रच-बस गई है. यह पीढ़ी अपने पहाड़ी जनमानस के सामाजिक कार्यों, उत्सवों और विवाहादि अवसरों पर दी जाने वाली […]