किसी को तो पड़ी हुई लकड़ी लेनी पड़ेगी साहब! पुलिस सेवा के लिए है या अपशब्दों के लिए?

किसी को तो पड़ी हुई लकड़ी लेनी पड़ेगी साहब! पुलिस सेवा के लिए है या अपशब्दों के लिए?

हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्ली मैं बचपन से ही पुलिस वालों से चार क़दम दूर भागता हूं. कारण उनका रवैया रहा है. बहुत कम पुलिसकर्मी होंगे जो आपसे सलीक़े से बात करेंगे. नहीं तो रौब दिखाना उनकी प्रवृत्ति में शामिल because होता है. शायद ये एक तरीक़ा हो अपराधी को तोड़ने और अपराध का पता लगाने के […]

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 अजय भट्ट ने सीएम को लिखा खत, कोरोना से मरने वाले पत्रकारों को दी जाए सरकारी मदद

अजय भट्ट ने सीएम को लिखा खत, कोरोना से मरने वाले पत्रकारों को दी जाए सरकारी मदद

अरविंद मालगुड़ी, नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के सांसद अजय भट्ट ने कोरोना वायरस से मरने वाले पत्रकारों के लिए सरकारी सहायता की मांग की है. उन्होंने इसे लेकर सूबे के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को खत लिखा है. भट्ट ने अपने खत में लिखा है कि कोरोना वायरस से मरने वाले पत्रकारों को मुख्यमंत्री […]

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