पंडित नेहरू में क्यों जागी थी ‘कण्वाश्रम’ को जानने की रुचि

पंडित नेहरू में क्यों जागी थी ‘कण्वाश्रम’ को जानने की रुचि

कण्वाश्रम एक ऐतिहासिक स्थल है, जिसका प्राचीन और समृद्ध इतिहास रहा है. महर्षि कण्व के काल में कण्वाश्रम शिक्षा का प्रमुख केंद्र हुआ करता था. because उस समय वहां दस हजार छात्र शिक्षा लेते थे. वैदिक काल में कण्वाश्रम शिक्षा और संस्कृति कर बड़ा गढ़ था. स्वरोजगार विजय भट्ट भारत की आजादी के बाद वर्ष […]

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 शहीद 30 ड्राइवर-कंडक्टर भाईयों को याद एवं नमन

शहीद 30 ड्राइवर-कंडक्टर भाईयों को याद एवं नमन

सतपुली त्रासदी की पुण्यतिथि (14 सितम्बर, 1951) पर विशेष डॉ. अरुण कुकसाल द्वी हजार आठ भादों का मास, सतपुली मोटर बोगीन खास…. हे पापी नयार कमायें त्वैकू, मंगसीरा मैना ब्यो छायो मैकू……. मेरी मां मा बोल्यान नी रयीं आस, सतपुली मोटर बोगीन खास. सतपुली (सतपुली नयार बाढ़ दुर्घटना-गढ़माता के निरपराध ये वीर पुत्र मोटर मजदूर […]

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