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लखीमपुर खीरी मामले में SIT की रिपोर्ट से मचा बड़ा बवाल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लखीमपुर-खीरी हिंसा मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट को लेकर बुधवार को लोकसभा में कार्यस्थगन का नोटिस दिया था. हालांकि, इससे पहले कि राहुल गांधी सदन में मुद्दे पर कुछ बोल पाते, विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई. राहुल गांधी ने नोटिस में सदन की कार्यवाही स्थगित कर एसआईटी रिपोर्ट पर सदन में चर्चा की मांग की थी. संसद में लखीमपुर खीरी मामले पर चर्चा से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘हम प्रयास कर रहे हैं. वे हमें चर्चा नहीं करने दे रहे हैं. हमने कहा कि उनके मंत्री इसमें शामिल हैं, इसपर चर्चा तो होनी चाहिए. लेकिन वे चर्चा नहीं करने दे रहे.’

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक की छानबीन और साक्ष्यों के आधार पर दावा किया है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के पुत्र और उसके सहयोगियों द्वारा जानबूझकर, सुनियोजित साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू समेत उसके 13 साथियों पर लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीप से कुचलने का आरोप है. इस घटना में और इसके बाद भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी.

लखीमपुर खीरी के वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एस पी यादव ने कहा, ‘एसआईटी के अनुरोध पर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चिंता राम ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 326 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियारों या साधनों से गंभीर चोट पहुंचाना) के साथ धारा 3, 25, 30 और 35 को लगाने की अनुमति दी. हालांकि, सुनवाई (मंगलवार) के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 34 शामिल करने पर आपत्ति जताई. उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में साजिश के आरोप का जिक्र पहले ही किया जा चुका है. इसके बावजूद, दोनों पक्षों को सुनने के बाद, अदालत ने आपत्ति की अनुमति दी.’

क्या बोले राहुल गांधी?

एसआईटी पर एक न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘मोदी जी, फिर से माफी मांगने का टाइम आ गया… लेकिन पहले अभियुक्त के पिता को मंत्री पद से हटाओ. सच सामने है!’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने लखीमपुर खीरी हिंसा को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा सुनियोजित साजिश करार दिए जाने के बाद कहा कि गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त कर उनकी भूमिका जांच की जानी चाहिए. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘लखीमपुर किसान नरसंहार के 2 महीने बाद जांच कर रही एसआईटी का कहना है कि गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे एवं अन्य आरोपियों ने आपराधिक कृत्य लापरवाही एवं उपेक्षा से नहीं, बल्कि जानबूझकर पूर्व सुनियोजित योजना के अनुसार जान से मारने की नीयत से किया था.’

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा, ‘इस मामले में किसानों ने शुरुआत से ही ये बात कही कि गृह राज्यमंत्री के बेटे ने साज़िश करके इस घटना को अंजाम दिया था. माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी घटना की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित कराने को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी एवं जांच की धीमी गति एवं जांच के तरीके पर अप्रसन्नता व्यक्त की थी.’

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