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मुंबई में कोरोना के चलते 31 दिसंबर तक लगी धारा 144, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्यवाही

महाराष्ट्र (Maharashtra) में ओमीक्रॉन (Omicron) के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई में कोविड प्रतिबंधों (Covid Restrictions) को 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है. इस दौरान सड़कों पर मुंबई पुलिस (Mumbai Police) लोगों की चेकिंग कर रही है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों ने मास्क (Mask) नहीं पहन रखा है उनके खिलाफ ज़ुर्माना लगाया जा रहा है. मुंबई पुलिस ने क्रिसमस और नए साल को देखते हुए शहर में 31 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी है.

इसी के साथ त्योहार के दौरान भी किसी बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी. मुंबई पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि किसी कार्यक्रम में केवल 50 फीसदी लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी जाएगी. साथ ही कोरोना वैक्सीन लगवाने पर भी जोर दिया जाएगा.

सार्वजनिक सभाओं के आयोजन पर रोक

मुंबई में धारा 144 के तहत पांच या इससे ज्यादा लोग एक जगह इकट्ठा नहीं हो सकते. इसी के साथ सार्वजनिक सभाओं के आयोजन पर भी रोक रहेगी. आदेश में कहा गया है कि किसी भी दुकान, प्रतिष्ठान, मॉल, कार्यक्रम और सभा में पूरी तरह वैक्सीन लगवाने वाला लोग ही होने चाहिए और ऐसे स्थानों पर सभी आने वाले लोग और ग्राहकों को कोरोना वैक्सीन भी लगाई जाएगी.

इसी के साथ बयान में कहा गया है कि सभी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग केवल पूरी तरह वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति ही कर पाएंगे. महाराष्ट्र में यात्रा करने वाले सभी लोगों को या तो वैक्सीन की दोनों डोज लगे होने चाहिए या उनके पास 72 घंटे में की गई आरटी-पीसीआर रिपोर्ट होनी चाहिए.

238 नए मामले आए सामने

मुंबई में बुधवार को कोरोना वायरस के 238 नए मामले सामने आए. इसी के साथ कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7,65,934 हो गई है. वहीं कोरोना वायरस से किसी की मौत दर्ज नहीं की गई. अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 16,360 हो गई है. महाराष्ट्र में अब तक ओमीक्रॉन वैरिएंट के 32 मामले सामने आए हैं, इससे मुंबई महानगर क्षेत्र भी शामिल है.

वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह उन लोगों पर शहर की उपनगरीय रेल सेवाओं का इस्तेमाल करने पर लेकर लगाए गए प्रतिबंध का औचित्य समझाएं, जिन्होंने अभी कोविड-19 रोधी टीका नहीं लगवाया है. मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव को शपथपत्र दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया कि लोकल ट्रेन से यात्रा के दौरान टीकाकरण करा चुके और टीकाकरण नहीं कराने वाले लोगों के बीच भेदभाव करने का औचित्य क्या है.

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