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संजय राउत को PMLA कोर्ट ने 4 अगस्त तक ईडी की कस्टडी में भेजा

पात्रा चॉल घोटाले में शिवसेना नेता संजय राउत प्रवर्तन निदेशालय की रडार पर हैं। रविवार को 17 घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया। सोमवार को ईडी ने पीएमएलए कोर्ट में पेशी करने से पहले उनका जेजे अस्पताल में मेडिकल कराया। सुनवाई के दौरान ईडी ने आगे की पूछताछ के लिए कोर्ट से राउत की आठ दिनों की हिरासत मांगी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राउत को चार अगस्त तक के लिए हिरासत में भेजा है।

सुनवाई के दौरान ईडी ने पूछताछ के लिए कोर्ट से आठ राउत की दिनों की हिरासत मांगी। ईडी के वकील ने पीएमएलए कोर्ट से कहा कि संजय राउत और उनकी पत्नी वर्षा के खाते में एक करोड़ रुपए भेजे गए। दादर फ्लैट के लिए 37 लाख रुपए ट्रांसफर हुए। ये पैसे प्रवीण की कंपनी से भेजे गए। पैसों के हेरफेर में राउत परिवार को सीधे तौर पर फायदा पहुंचाया गया।

राउत के वकील ने कोर्ट से कहा कि उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी सियासी है। यह मामला पुराना है और राजनीतिक बदले की भावना के तहत इसे दोबारा खोला गया है। राउत को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। मामले की जांच में अगर राउत की हिरासत जरूरी है तो उन्हें कम से कम अवधि के लिए हिरासत में भेजा जाए क्योंकि वह जांच एजेंसी का सहयोग कर रहे हैं।

राउत की गिफ्तारी पर शिवसेना भाजपा पर हमलावर है। आदित्य ठाकरे ने हमला बोलते हुए कहा कि शिवसेना को कोई तोड़ नहीं पाएगा। उन्होंने कहा, ‘ठाकरे परिवार को कोई समाप्त नहीं कर पाएगा।’ राउत की गिरफ्तारी का मुद्दा सोमवार को संसद में भी उठा। इस बीच, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शाम चार बजे मीडिया को संबोधित करने वाले हैं।  इससे पहले उद्धव राउत के साथ एकजुटता दिखाने के लिए भांडुप स्थित उनके आवास गए और परिजनों से मुलाकात की।

शिवसेना विधायक दीपक केसारकर ने कहा कि ईडी को बिना पर्याप्त साक्ष्यों के राउत को गिरफ्तार नहीं रना चाहिए। उन्होंने कहा कि राउत की गिरफ्तारी को एकनाथ शिंदे से जोड़ना पूरी तरह गलत है। राउत पर ईडी की कार्रवाई का मुद्दा राज्यसभा में उठा। शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतु्र्वेदी ने सुबह स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

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